Question : न्यूबिगिन की संसार के पादपी मंडलों की योजना का वर्णन कीजिए और भूमध्यसागरीय पादपी मंडल को स्पष्ट कीजिए।
(2015)
Answer : जीवमण्डल में वनस्पति के वितरण का अध्ययन दो रूपों में किया जाता है।
Question : कटिबंधीय वितरण के आधार पर मृदाओं का वर्गीकरण कीजिए एवं पेडोकल के अभिलक्षणों का वर्णन कीजिए।
(2015)
Answer : मार्बट ने मृदा का वर्गीकरण प्रादेशिक, अप्रादेशिक एवं अन्तः प्रादेशिक प्रकारों में किया है। प्रादेशिक मृदाओं के अंतर्गत पूर्णतया विकसित तथा प्रौढ़ मृदाओं को सम्मिलित किया जाता है। इनका निर्माण सुप्रवाहित दशाओं में होता है। इन मृदाओं का निर्माण दीर्घकाल तक स्थान विशेष की वनस्पति तथा जलवायु के बीच पारस्परिक क्रियाओं के फलस्वरूप होता है। प्रादेशिक मृदाओं में मृदा-परिच्छेदिका का पर्याप्त विकास होता है। यह वृहद जलवायु प्रदेशों पर आधारित है। अप्रादेशिक मृदा परिवहित मृदा ....
Question : यूरेशियाई स्टेपी जीवोम (बायोम) की अद्वितीयता को स्पष्ट कीजिए।
(2014)
Answer : स्टेपी पूर्वी यूरोप तथा रूस में स्थित जंगली घास के मैदान हैं। यहां पर खेती तथा चारागाह के कारण लगभग कोई वनस्पति नहीं है। तेल की खोज में लगातार लोगों के गड्ढे खोदने के कारण दुर्भाग्यवश ये यूरेशियाई स्टेपी लगातार विलोपन के कगार पर हैं। यहां महाद्वीपीय शुष्क जलवायु पायी जाती है जिसमें ग्रीष्मकाल तथा शीतकाल में पर्याप्त अन्तर पाया जाता है।
यूरेशियाई स्टेपी के उत्तरी भाग में 46 सेमी. वार्षिक वर्षा जबकि दक्षिणी भाग में ....
Question : प्राणि-भौगोलिक प्रदेश को परिभाषित कीजिए। नव-आर्कटिक प्राणि-भौगोलिक प्रदेश की मौलिक प्राणिसमूह रचना का भी वर्णन कीजिए।
(2014)
Answer : विश्व में प्राणियों के कुछ मण्डल होते हैं जिनमें प्राणियों की खाससमरूप विशेषताएं पाई जाती हैं जिसके आधार पर विभिन्न प्राणि भौगोलिक प्रदेशों का विभाजन होता है जिन्हें सर्वप्रथम दो प्रमुख भागों स्थलीय प्राणि भौगोलिकप्रदेश व जलीय प्राणि भौगोलिक प्रदेश में बांटा जाता है। स्थलीय प्राणि भौगोलिक प्रदेश का विभिन्न प्राणि भौगोलिक प्रदेशों में विभाजन किया जाता है। यद्यपि प्रजातियां अपने उद्भव, प्रवसन, विसरण तथा विलोपन में लगातार क्रियाशील रहते हैं जिससे प्राणि भौगोलिक प्रदेशों ....
Question : नोटोजिअन क्षेत्र में प्राणिजात की विलक्षणता।
(2013)
Answer : नोटोजिअन (क्षेत्र) अर्थात ऑस्ट्रेलियाई रीम अपनी जन्तु एवं पादपीय विशेषता के लिए जाना जाता है। ऑस्ट्रेलियाई जन्तुओं में बहुत सारे मरसुपियल प्रजाती के होते हैं जिनके पेट में एक थैला जैसा बना होता है और उसमें उनके बच्चे पलते हैं।
कंगारू एवं बल्लावी जैसे जानवर मरसुपियल के उदाहरण हैं, ये प्रायः शाकाहारी होते हैं। कंगारू तो ऑस्ट्रेलिया का चिह्न बन गया है। काले सपाट नाक वाले कोला ऐसे मरसुपियल हैं जो पेड़ों पर रहते हैं। इनका ....
Question : विशेषक्षेत्री पादपों के प्रकार और विलोपन के प्रति उनकी सुभेद्यता की मात्र।
(2013)
Answer : विशेष क्षेत्री पादप ऐसे पादपों को कहा जाता है, जो एक क्षेत्र विशेष में पाया जाता है। एक सीमित क्षेत्र में पाए जाने के कारण ये पादप पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील होते हैं और इनके लुप्त होने की संभावना अन्य पादपों की अपेक्षा अधिक प्रबल होती है।
अगर किसी विशेष क्षेत्र का विशेष क्षेत्री (इनडेमिक) पादप विलुप्त हो जाता है तो यह जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा बन जाता है, क्योंकि उस पादप पर ....
Question : पर्वत जीवोम में जलवायु और वनस्पति के बीच के संबंध को उजागर कीजिए।
(2013)
Answer : ऐसे प्राकृतिक पारिस्थितिक समूह जो विशाल क्षेत्रें पर फैले होते हैं उन्हे बॉयोम कहा जाता है। पर्वत बायोम विश्व के सारे महाद्वीपों में फैले हुए हैं। रॉकी, एन्डीज, हिमालय आदि विशाल पर्वत श्रेणियां ऐसे बायोमों का निर्माण करती हैं जो पारिस्थितिक तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इन पर्वत श्रेणियों पर बायोम प्रकार में धीमा परिवर्तन अक्षांश के स्थान पर ऊंचाई का अनुसरण करता है इन बायोमों के निर्धारण में तापमान तथा वर्षण की दर सबसे ....
Question : अंतर्राष्ट्रीय भूमंडल जीवमण्डल कार्यक्रम के प्रमुख अवयव।
(2012)
Answer : अंतर्राष्ट्रीय भूमंडल जीवमण्डल कार्यक्रम के अन्तर्गत भूमंडलीय जीवमण्डल के आंकड़ों का संग्रह किया जाता है। जिसके एक किलो मीटर एडवांस्ड वेरी हाई रीजोल्यूसन रेडियोमीटर (AVHRR) की सहायता से डाटाबेस तैयार किया जाता है।
विभिन्न भूक्षेत्रें में कार्यरत समूह द्वारा अंतर्राष्ट्रीय भूमण्डल- जीवमण्डल कार्यक्रम सम्बन्धित सूचनाओं का प्रबंधन ही IGBP-DIS International Geographer-Brosphere programme Data and Information System) है।
प्रतिदिन 1.1 किमी. के आंकड़े विभिन्न AVHRR के धरातलीय स्टेशनों से इकट्ठे किए जाते हैं। AVHRR उपग्रह आंकड़ों के संग्रहण ....
Question : इथोपियन परिमण्डल में प्राणियों का अनुकूलन एवं वितरण
(2012)
Answer : इथोपियन परिमंडल में सवाना प्रदेश अवस्थित है। सामान्य रूप से सवाना बायोम का अर्थ उस वनस्पति समुदाय से है, जिसमें धरातल पर आंशिक रूप से शुष्कानुकूलित शाकीय पौधों का विस्तार होता है तथा बिखरे से लेकर सघन वृक्षों का ऊपरी आवरण होता है एवं मध्य स्तर में झाडि़यां होती हैं। सवाना बायोम की जलवायु की प्रमुख विशेषता स्पष्ट शुष्क तथा आर्द्र ऋतुएं हैं। वर्ष भर उच्च तापमान तथा अधिक सूर्यातप, औसत वार्षिक वर्षा 500 मि-मीटर ....
Question : जोनीय और अजोनीय मृदाओं में मृदा चित्र
(2011)
Answer : विश्व स्तर पर मृदा को तीन प्रकारों में विभक्त किया जाता है। क्षेत्रीय, अक्षेत्रीय एवे अंतःक्षेत्रीय मृदा। क्षेत्रिय मृदा को जोनीय या कटिबंधीय मृदा तथा अक्षेत्रीय मृदा को अजोनीय या पार्श्विक मृदा कहा जाता है। मृदा वितरण के सम्बन्ध में क्षेत्रीय मृदा का सर्वाधिक विस्तार है। ये मृदा जलवायु एवं वनस्पति के दीर्घकालीन प्रभाव से पूर्ण विकसित होती है। चूंकि इस प्रकार की मिट्टियों का वितरण जलवायु वनस्पति प्रदेशों के अनुसार मिलता है, अतः इसे ....
Question : जीवोम शब्द की परिभाषा दीजिए। स्थलीय जीवोम की सूची तैयार कीजिए और सवाना जीवोम के अभिलक्षणों का वर्णन कीजिए।
(2011)
Answer : जीवोम एक भौगोलिक इकाई है, जिसमें विशिष्ट प्रकार के पौधे और प्राणियों का जीवन रूप उच्चता प्राप्त करता है और वही उसकी पहचान बन जाती है। स्पष्ट है “जीवोम एक जैव समूह है, जो भौगोलिक सीमाओं से अपने विशिष्ट जैव रूप और जातीय श्रेष्ठता से पहचाना जाता है।” सामान्य शब्दों में, समस्त पादपों तथा प्राणियों का सम्मिलित रूप में अध्ययन किया जाता है तो उसे बायोम या जीवोम कहते हैं। जैव जगत को निवास्य के ....
Question : व्हिटलैसी के द्वारा किए वर्गीकरण के अनुसार कृषि प्रदेशों का उल्लेख कीजिए और उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए?
(2011)
Answer : कृषि प्रदेश से तात्पर्य ऐसे विस्तृत प्रदेश से है, जहां कृषिगत दशाओं, विशेषतः फसलों की किस्मों एवं उनकी उत्पादन विधि में समरूपता मिलती है तथा कृषि भूमि के उपयोग की विशिष्टता जन्य संबद्धता मिलती है।
व्हिटलैसी ने कृषि प्रादेशीकरण की योजना 1936 में प्रस्तुत की। इनकी कृषि प्रादेशीकरण की योजना 5 चरों पर आधारित है। इन चरों के आधार पर इन्होंने 13 कृषि प्रदेशों की पहचान की। व्हिटलैसी ने कृषि प्रादेशीकरण के लिए निम्न चरों का ....
Question : पादपी जगत अपने वैश्विक वितरण पर आधारित
(2010)
Answer : जीवमंडल में वनस्पति के वितरण का अध्ययन दो रूपों में किया जाता है।
Question : प्रमुख भू-बायोमों और उनके अक्षांशीय वितरण का एक संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।
(2009)
Answer : बायोम एक व्यापक भौगोलिक इकाई है, जिसमें विशिष्ट प्रकार की वनस्पति तथा प्राणियों का जीवन रूप उच्चता प्राप्त करता है। बायोम का विभाजन जलवायु तथा वनस्पति के आधार पर किया जाता है। विश्व में पाये जाने वाले प्रमुख स्थलीय जीवोम निम्नलिखित हैं:
Question : क्षेत्रीय और अक्षेत्रीय मृदाएं
(2009)
Answer : अमेरिकी कृषि विभाग द्वारा 1938 में प्रस्तुत मिट्टियों के वर्गीकरण की योजना को USDA प्रणाली (United States Department of Agriculture) कहा जाता है। इस योजना के अंतर्गत मिट्टियों को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभक्त किया गया हैः
क्षेत्रीय मृदा के अंतर्गत उन पूर्णतया विकसित तथा प्रौढ़ मिट्टियों को सम्मिलित किया जाता है, जिनका निर्माण सुप्रवाहित दशाओं में होता है। इन मिट्टियों का निर्माण, दीर्घकाल तक स्थान विशेष की वनस्पतियों तथा ....
Question : सामाजिक वानिकी और पर्यावरण सरंक्षण।
(2007)
Answer : देश में एक करोड़ हेक्टेयर अवक्रमित भूमि पर प्रतिवर्ष वनरोपण की आवश्यकता है, ताकि पारिस्थितिकी संतुलन का नुपर्स्थापन हो सके। सामाजिक वानिकी के द्वारा इस लक्ष्य की पूर्ति वांछित है, क्योंकि इससे न केवल वनाच्छादित क्षेत्र में वृद्वि होगी, वरन् बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी होगा। राष्ट्रीय वन नीति के निर्धारिण के पूर्व ही राष्ट्रीय कृषि आयोग ने वन क्षेत्र में अभिवृद्वि के हेतु सामाजिक वानिकी अपनाने का सुझाव दिया था ताकि वनाच्छादित क्षेत्र ....
Question : मिट्टियों का वितरण
(2006)
Answer : जलवायु, वनस्पति, मूलभूत चट्टान, स्थलाकृति तथा विकास की अवधि में अंतर के कारण विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की मिट्टयों का विकास हुआ है। ये निम्नलिखित हैं: