Question : विकासशील देशों में खाद्य सुरक्षा के मुद्दों का एक विवरण दीजिए।
(2014)
Answer : खाद्य सुरक्षा शब्द का प्रयोग, लोगों तक पर्याप्त गुणवत्ता तथा मात्र के भोजन की लोगों तक पहुंच के लिए किया जाता है। गरीबी, स्वास्थ्य, उत्पादन, राजनीतिक स्थिरता, आपदा, बाजार तक पहुंच तथा अवसंरचना आदि कारक खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
वर्तमान में विकासशील देशों में लगभग 820 मिलियन लोग भूखमरी से प्रभावित हैं। खासकर अफ्रीका तथा दक्षिणी एशिया के देशों में। जहां विकसित देशों में खाद्य सुरक्षा का मुख्य मुद्दा अतिरिक्त आहार (Excessive Food) तथा ....
Question : कृषि-भूमि अर्थव्यवस्था के विकास में ऊर्ध्वोन्मुखी (बॉटम-अप) तथा अधोमुखी (टॉप-डाउन) उपागमों की प्रासंगिकता की व्याख्या कीजिए।
(2014)
Answer : कृषिगत अर्थव्यवस्था एक ऐसी अर्थव्यवस्था होती है जो प्राथमिक रूप से कृषि उद्योग पर आधारित होती है, अर्थात इसकी आय का एक बड़ा हिस्सा कृषि या उससे जुड़े कार्यों से आता है। कृषिगत अर्थव्यवस्था की संपन्नता पर्याप्त वर्षा, उपयुक्त जलवायु तथा उर्वरकों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। भारत के संदर्भ में देखें तो भारत में राष्ट्रीय आय में कृषि क्षेत्र की भागीदारी कम है, किन्तु यहां की 60% से अधिक जनसंख्या व्यावसायिक रूप से ....
Question : कोयला उत्पादन से संबंधित पर्यावरणीय तथा आर्थिक समस्याओं की विवेचना कीजिए।
(2014)
Answer : कोयले का उत्पादन कुछ उद्योगों तथा खासकर हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। चूंकि कोयला ऊर्जा प्राप्ति का एक सस्ता माध्यम है इसलिए इससे जुड़ी पर्यावरणीय समस्याओं के बावजूद भी इसके उत्पादन को हतोत्साहित नहीं किया जा पा रहा। कोयले के उत्पादन से निम्न पर्यावरण समस्याएं हैं-
Question : तेल के उत्पादन और निर्यात में वेनेजुएला की भूमिका।
(2013)
Answer : वर्ष 2012 में प्रकाशित एक आंकड़े के अनुसार वेनेजुएला में विश्व के कुल खनिज तेलों का 20% तेल मौजूद है। इस प्रकार विश्व का सर्वाधिक खनिज तेल वेनेजुएला के पास है। यही नहीं, वह खनिज तेल का विश्व में पांचवां सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
वेनेजुएला, ओपेक (पेट्रोलियम उत्पादक एवं निर्यातक देशों का संगठन) का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और विश्व के तेल उत्पादन एवं निर्यात में इसकी प्रमुख भूमिका है।
ऐसी उम्मीद की जा रही है ....
Question : नाभिकीय शक्ति की कामबंदी के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित देश।
(2013)
Answer : नाभिकीय शक्ति ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण साधन है, नाभिकीय संयंत्रें के माध्यम से बड़े पैमाने पर बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।
ताप विद्युत केन्द्रों की तुलना में इससे प्रदूषक भी कम उत्पादित होते हैं। फ्रांस, बेल्जियम, स्लोवाकिया जैसे अनेक देशों के लिए नाभिकीय ऊर्जा विद्युत का सबसे प्रमुख ड्डोत हैं। परन्तु फुकुशिमा, दायची नाभिकीय आपदा के बाद से अनेक देशों ने अपने नाभिकीय संयंत्रें को बन्द करना प्रारंभ कर दिया है। फ्रांस के कुल ....
Question : संसार में कॉफी के उत्पादन और निर्यात के परिवर्तनशील प्रारूप पर चर्चा कीजिए।
(2013)
Answer : कॉफी एक प्रमुख पेय पदार्थ है। विश्व के कुल उत्पादन का लगभग 90% उत्पादन विकासशील देशों में होता है जबकि इसकी अधिकतम खपत विकसित देशों में होती है।
विश्व के कुल उत्पादन का लगभग एक तिहाई कॉफी उत्पादन ब्राजील में होता है। इसके बाद वियतनाम एवं कोलंबिया कॉफी उत्पादन में अग्रणी हैं। वैश्विक कॉफी उत्पादन में भारत का स्थान सातवां है।
विश्व के प्रमुख कॉफी उत्पादक निम्न हैं-
|
रैंक |
देश |
मार्केट शेयर |
रैंक |
देश |
मार्केट शेयर |
|
1 |
ब्राजील |
33.1% |
2 |
वियतनाम |
15.2% |
|
3 |
इंडोनेशिया |
6.3% |
4 |
कोलंबिया |
5.9% |
|
5 |
इथोपिया |
5% |
6 |
पेरू |
4.1% |
|
7 |
भारत |
4.1% |
8 |
होंडूरस |
3.4% |
|
9 |
मेक्सिको |
3.3% |
10 |
ग्वाटेमाला |
2.9% |
ब्राजील विश्व का सबसे बड़ा कॉफी निर्यातक देश ....
Question : उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रें में मत्स्यन क्षेत्रें के तुलनात्मक दृष्टि से अल्प विकास के कारणों का विश्लेषण कीजिए।
(2013)
Answer : मत्स्यन विश्व की प्रमुख आर्थिक गतिविधि है जो न सिर्फ पर्याप्त राजस्व प्रदान करती है, बल्कि खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अत्यन्त महत्वपूर्ण है। विकसित देश जैसे कि जापान, अमेरिका, पश्चिम यूरोप आदि मत्स्य उत्पादन में अग्रणी हैं। इन क्षेत्रें के ग्रैंड बैंक, डॉगर बैंक आदि विश्व प्रसिद्ध मत्स्य क्षेत्र हैं। परंतु उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र अन्य मत्स्यन क्षेत्रें के तुलना में अल्प विकसित हैं। जिनके निम्न कारण हैं।
Question : जड़त्व आधारित औद्योगिक विकास की समस्याएं
(2013)
Answer : औद्योगिक जड़त्व वह स्थिति है, जिसमें उद्योग अपने पूर्व के स्थान पर ही गतिशील रहता है, हालांकि उद्योग स्थानीकरण के उत्तरदायी कारकों में ह्रास हो जाता है। जैसे, कच्चे माल, सस्ता श्रम, भूमि या ऊर्जा जैसे कारकों में कमी होने लगती है। उद्योग के अपने पूर्ववत् स्थिति में गतिशील रहने के महत्वपूर्ण कारक हैं:
Question : यूरोप अर्थव्यवस्था में रोटरडम का स्थानिक महत्व
(2012)
Answer : रोटरडम न्यूमास नदी के तट पर अवस्थित नीदरलैंड का महत्वपूर्ण बंदरगाह है। रोटरडम से खनिज, कच्चा तेल, लौह अयस्क इत्यादि के साथ-साथ डेरी उत्पादों, लौह-इस्पात इत्यादि का निर्यात भी किया जाता है।
Question : जनसंख्या एवं खाद्य सुरक्षा
(2012)
Answer : जनसंख्या एवं खाद्य सुरक्षा समकालीन भूगोल का चर्चित विषय है। बढ़ती जनसंख्या एवं तीव्र जनसंख्या वृद्धि ने खाद्यान्न सुरक्षा की समस्या को उत्पन्न किया है।
वर्तमान में विश्व की कुल जनसंख्या लगभग 7 अरब है और इतनी वृहद जनसंख्या के भरण-पोषण के लिए काफी खाद्यान्न की आवश्यकता है। वैश्विक जनसंख्या वृद्धि ने विश्व में अनेक प्रकार की समस्याओं को उत्पन्न किया है। इनमें खाद्य तथा पोषक आहार की कमी सबसे गंभीर समस्या है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के ....
Question : विश्व व्यापार के प्रारूप के निर्धारण में विश्व व्यापार संगठन की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
(2010)
Answer : विश्व व्यापार संगठन के आविर्भाव ने नई विश्व व्यवस्था के अभ्युदय की संभावनाओं को पूर्णतः परिवर्तित कर दिया है। विश्व आर्थिक व्यवस्था को पहली बार एक औपचारिक कानूनी सुरक्षा चक्र प्राप्त हुआ है। विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे निकायों को, जहां सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने संबंधी उस प्रकार का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है, जैसा विश्व व्यापार संगठन को उरुग्वे चक्र समझौते के परिणामस्वरूप प्राप्त हुआ है।
विश्व व्यापार संगठन ....
Question : “दुर्भिक्ष, एक बड़ी सीमा तक, एक मनुष्य निर्मित जोखिम है।’ सविस्तार स्पष्ट कीजिये।
(2010)
Answer : जब किसी क्षेत्र में किसी कारण से कुछ निश्चित अवधि के लिये खाद्यान्नों का अभाव हो जाता है, तो वहां अकाल की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। समय पर विश्व के विभिन्न क्षेत्रें में अकाल पड़ते हैं और लोग भूखे मरते रहे हैं। यद्यपि विश्व के किसी भी भाग में अकाल पड़ सकता है, परंतु जिन क्षेत्रें में प्रायः अकाल पड़ते रहते हैं, उनमें उत्तरी अफ्रीका काक्षेत्र, दक्षिण पश्चिमी एशिया, मध्य एशिया तथा भारत एवं ....
Question : खाद्य के वैश्विक उत्पादन और वितरण का एक भौगोलिक विवरण प्रस्तुत कीजिए।
(2009)
Answer : मानव की तीन आधारभूत आवश्यकताओं रोटी, कपड़ा और मकान में भोजन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मानव खाद्यान्न में मुख्यतः छह फसलें गेहूं, चावल, मक्का, जौ, जई, सोरगम आते हैं, जिनका विश्व में उत्पादन असमान है। इनमें भी वर्तमान में धान, गेहूं और मक्का ही 90 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न अंश है।
विश्व स्तर पर मानव के भोजन में गेहूं और चावल की प्रधानता लगभग समान है। चावल आर्द्र उपोष्ण तथा उष्ण जलवायु का पौधा है। इसके लिए ....
Question : कृषि की अवस्थिति पर वॉन थ्यूनेन के विचारों पर चर्चा कीजिए।
(2008)
Answer : कृषि भूमि उपयोग पर भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक कारकों का प्रमाण पड़ता है। अनेक अर्थशास्त्रियों एवं भूगोलवेताओं के कृषि भूमि उपयोग के मॉडल के विकास का प्रयास किया गया है।
इनमें वान थ्यूनेन के कृषि भूमि उपयोग मॉडल का महत्वपूर्ण स्थान है। वान थ्यूनेन ने जर्मनी में रॉस्टोक के निकट मैवलेनबर्ग क्षेत्र के भूमि उपयोग प्रतिरूप के अध्ययन के आधार पर 1926 ई. में अपने इस सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
वान थ्यूनेन का यह सिद्धांत स्थानीयकरण लगान ....
Question : संवृद्धि ध्रुव
(2004)
Answer : यह सिद्धांत सर्वप्रथम फ्रांसिक पेराक्स द्वारा प्रस्तुत किया गया। उसके विचार से वृद्धि सर्वव्यापक नहीं है, वरन यह अस्थिर प्रेरकों के साथ बिंदु या ध्रुवों के रूप में प्राप्त होती है।
वृद्धि या नाभिक पदानुक्रम में सर्वोच्च स्तर रखते हैं। ये केंद्र सामान्यतः 500000 से 2500000 जनसंख्या रखते हैं। तृतीयक सेवाओं का भाग द्वितीयक और प्राथमिक सेवाओं से अधिक होता है।
संपूर्ण अर्थव्यवस्था के लिए परिवर्तित अंतिम प्रभाव के साथ वृद्धि असंख्य चैनलों से प्रसारित होती है। ....
Question : कृषि वानिकी
(2001)
Answer : कृषि वानिकी एक टिकाऊ विकास की अवधारणा है, जिसके माध्यम से पारिस्थितिक संतुलन को बनाये रखने में सहायता मिलती है। इसके अंतर्गत फसलों की कृषि के साथ-साथ वृक्षारोपण का भी कार्य किया जाता है। कृषि वानिकी वास्तव में भू-उपयोग की एक ऐसी पद्धति है, जिसमें वृक्षों को कृषित भूमि में विचारपूर्वक एवं निश्चित उद्देश्य की पूर्ति हेतु उगाया जाता है। कृषि वानिकी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भोजन, ईंधन, चारा, रेशा, खाद आदि की ....
Question : पर्यावरण पर उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी के प्रभाव का परीक्षण कीजिए। अपने उत्तर के समर्थन में उदाहरण भी दीजिए।
(1998)
Answer : हाल के वर्षों में उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी के दुष्परिणामों के फलस्वरूप ‘धारणीय कृषि’ की अवधारणा ने हम सबका ध्यान आकर्षित किया है। चूंकि कृषि लोगों की मूल जरूरतों को पूरा करती है, इसलिए कृषि उत्पादन का व्यावसायीकरण किया गया। यह कार्य उन्नत बीजों, रासायनिक उर्वरक, कीट-नाशकों, सिंचाई व्यवस्था व यंत्रीकरण द्वारा पूर्ण किया गया। इनके हानिकारक प्रभाव की अवहेलना की गयी। कृषि नियोजकों का ध्येय मात्र फसल उत्पादन बढ़ाना रहा। उन्होंने पर्यावरण पर इनके दुष्प्रभाव ....
Question : संसाधन प्रबंधन शब्द को स्पष्ट कीजिए। संसाधनों की विश्वव्यापी कमी और मानवता के भविष्य के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए।
(1998)
Answer : पृथ्वी के उन सभी तत्त्वों को ‘संसाधन’ की संज्ञा प्रदान की जाती है जो मनुष्य के लिए लाभकारी व जरूरी हैं। इस प्रकार ‘संसाधन’ को मनुष्य परिभाषित करता है, न कि प्रकृति। हाल के वर्षों में संसाधनों के संदर्भ में कई समस्याएं सामने आयी हैं, जिनके कारण संसाधन प्रबंधन अनिवार्य हो गया हैः