Question : नगरों के प्रकार्यात्मक वर्गीकरण की नेल्सन की विधि की विवेचना कीजिए।
(2015)
Answer : नेल्सन ने सर्वप्रथम मात्रत्मक आधार पर नगरों का प्राकार्यात्मक वर्गीकरण किया। उन्होंने अपने वर्गीकरण का आधार 1950 के समय मुख्यतः औद्योगिक क्षेत्रें एवं वृहद नगर केन्द्रों को बनाया।
उन्होंने कृषि एवं अवसंरचना जैसे क्षेत्रें को छोड़ दिया एवं अंततः 9 क्रियाकलाप समूहों को अपने कार्य के लिए शामिल किया।
किसी नगर की विशेषता या विशेषता के प्रकार को उनहोंने इसे अलग-अलग वर्ग में रखा। उन्होंने विभिन्न आकार के नगरों में अलग-अलग क्रियाओं के लिए एक निश्चित प्रवृत्ति ....
Question : “जनसंख्या पर मार्क्स का विचार अधिक मानवीय है।” टिप्पणी कीजिए।
(2015)
Answer : जनसंख्या पर मार्क्स का विचार एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। इसमें इन्होंने पूंजीवादी वर्ग एवं श्रमिक वर्ग के संघर्ष से उत्पन्न होने वाले विचारों को सामने रखना इनके अनुसार, प्राकृतिक विज्ञान की तरह सामाजिक विज्ञान में भी नियम मौजूद हैं, जो हर स्थिति में लागू होता है। धनी वर्ग श्रमिकों का शोषण कर लाभ कमाते हैं और अपनी जमा पूंजी में वृद्धि करते हैं। इसके जवाब में, श्रमिक वर्ग अपनी श्रम में वृद्धि करते हैं और ....
Question : जनसंख्या प्रवसन पर थियोरियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
(2015)
Answer : प्रवसन एक भौगोलिक तथ्य है जो प्रत्येक युग में मानवीय आवश्यकता रहा है। मानव की यह प्रवृत्ति रही है कि जिस स्थान पर जीवन कठोर होता है, उस स्थान को छोड़ वह ऐसे स्थान पर जाता है, जहां जीवन तुलनात्मक दृष्टि से सुगम होता है। सामान्यतः लोगों द्वारा एक महत्वपूर्ण दूरी पर सापेक्षिक रूप में स्थाई तौर पर बसना प्रवसन कहलाता है। यह स्थाई एवं अस्थाई हो सकता है।
जनसांख्यिकी विद्वानों ने इससे संबंधित अनेक आनुभाविक ....
Question : प्रति-नगरीकरण (काउंटर-अर्बनाइजेशन) के लिए उत्तरदायी कारकों की विवेचना कीजिए।
(2014)
Answer : जहां नगरीकरण से बड़े पैमाने पर नगरीय क्षेत्र में वृद्धि होती है प्रति नगरीकरण का इसमें उल्टा प्रभाव पड़ता हैं। लोगों का जब एक बड़ा हिस्सा नगरीय क्षेत्रें से निकलकर आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रें (Surrourding Countrying side) की तरफ प्रवास का रूख करता है, तब इसे प्रतिनगरीकरण कहते हैं। इसके अंतर्गत कुछ मात्र में व्यवसाय तथा आर्थिक क्रियाकलापों का भी शहर से पलायन होता है।
प्रति नगरीकरण का कारण प्रवास (Migration) के पुश एवं पुल ....
Question : "नगरीय पोषणीयता (सस्टेनेबिलिटि) के लिए ग्रामीण पोषणीयता आवश्यक है।" समाकलित विकास उपागम की पृष्ठभूमि में इस कथन की विवेचना कीजिए।
(2014)
Answer : संपोषणीय विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत पर्यावरण के नियम का पालन करते हुए आर्थिक एवं सामाजिक विकास को महत्व दिया जाता है।
इसके अंतर्गत भविष्य की पीढ़ी को ध्यान में रख कर विकास किया जाता है। जहां नगरीय विकास नगर में रहने वाले लोगों को मौलिक सुविधाओं को उपलब्ध कराने के साथ उनके सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है वहीं नगरीय विकास को संपोषणीय आधार पर महत्व नहीं दिए जाने के कारण ....
Question : नगरीय प्रभाव के दायरे के सीमांकन की गुणात्मक तथा मात्रत्मक विधियों की व्याख्या कीजिए।
(2014)
Answer : कोई भी नगर अपनी प्रशासनिक सीमा के भीतर आत्मनिर्भर प्रकार की क्षेत्रीय इकाई नहीं है बल्कि इसके अपने आस-पास स्थित ग्रामीण क्षेत्रें से विभिन्न प्रकार के कार्यात्मक सम्बन्ध होते हैं। ये वे क्षेत्र होते हैं जिनसे नगर अपनी आवश्यकता की वस्तुएं सेवाएं प्राप्त करते हैं या जिन्हे उनकी आवश्यकता की वस्तुएं या सेवाएं प्रदान करते हैं, इसे नगर का प्रभाव क्षेत्र या ‘अमलैण्ड’ कहते हैं।
नगर तथा उसके प्रभाव क्षेत्र के मध्यके सामाजिक, आर्थिक तथा कार्यात्मक ....
Question : ग्रामीण - शहरी प्रक्रम की मिश्रा की सैद्धांतिक अवस्थाएं।
(2013)
Answer : सीमांत के गांवों में गांवों से शहरों में परिवर्तन एक सामान्य बात है। मिश्रा के अनुसार ग्रामीण शहरी अंतरफलक में गांवों के परिवर्तन को तीन चरणों में रखा जा सकता है।
Question : जराचिकित्सा किसको कहते हैं? वृद्धजन आबादी से संबद्ध क्या-क्या समस्याएं होती हैं?
(2013)
Answer : कहा जाता है कि बुढ़ापा व्याधियों का घर होता है। वृद्धजन न सिर्फ शारीरिक बीमारियों से ग्रसित होते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी वे कमजोर होने लगते हैं। चिकित्सा शास्त्र अथवा सामाजिक विज्ञान की वह शाखा जिसमें वृद्धों की ऐसी शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों का अध्ययन किया जाता है उसे जराचिकित्सा कहते हैं। समाज अथवा देश के विकास में आर्थिक अनुपयुक्ता के कारण उन्हें समाज या देश पर बोझ माना जाता है। परंतु वास्तव ....
Question : सन् 1950 के उपरांत विश्व के नगरीकरण में क्षेत्रीय स्थानातरण एवं नगरीकरण प्रक्रिया की विविध विशेषताएं
(2012)
Answer : सन् 1950 में विश्व की मात्र 29 प्रतिशत जनसंख्या नगरों में निवास करती थी। परन्तु सन् 1995 में यह अनुपात बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया। नगरीकरण में तीव्र वृद्धि में विकसित देशों की अपेक्षा विकासशील देशों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हाल में तीव्र गति से नगरीकरण का कारण मुख्य तथा विकासशील देशों में तीव्र प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि तथा गांव से नगर में बढ़ता प्रवास है। 1980 में विकासशील देशों की नगरीय जनसंख्या विकसित देशों से ....
Question : “दक्षिण पूर्व एशिया के अधिकत्तर देशों में उपनिवेशी शक्तियों ने नगरीय प्रक्रिया के प्रारूप में प्रमुख शहर (प्राइमेट) पैदा किए।” विवेचन कीजिए।
(2012)
Answer : प्रमुख शहर (प्राइमेट सीटी) से तात्पर्य, किसी देश के सबसे बड़े नगर का आकार द्वितीय स्तर के नगर की अपेक्षा दोगुना से अधिक या कभी-कभी तिगुने से अधिक पाया जाता है।
प्रधान नगर के इस विशाल आकार के अनेक कारण हैं, जिसके तहत यहां दुलर्भ एवं मूल्यवान वस्तुओं के साथ-साथ अत्यधिक कुशल एवं प्रशिक्षित कामगार और उत्साही एवं महत्वाकांक्षी युवकों की बड़ी संख्या देखी जाती है, जो वैभव व यश प्राप्ति करने हेतु कुछ भी करने ....
Question : विश्व में परिवर्तित उर्वरता अनुपात का जनसंख्या वितरण पर प्रभाव
(2012)
Answer : उर्वरता अनुपात उत्पादकता मापन की ऐसी विधा है, जिसमें प्रजनन आयु की प्रति हजार स्त्रियों पर एक वर्ष में होने वाली जीवित जन्मता के आधार पर मापी जाती है। उत्पादकता व्यक्त करने की महत्वपूर्ण विधा है- प्रति स्त्री होने वाले बच्चों की संख्या। विश्व में प्रति स्त्री औसत जन्म दर 2-8 बच्चे हैं, जहां विकसित देशों में एक स्त्री ने औसतन 1-6 बच्चे को जन्म दिया और विकासशील देशों में एक स्त्री ने औसतन 3-1 ....
Question : यद्यपि भारत की 70% जनसंख्या ग्रामीण है, नगरीय नियोजन भारत के विकास में निर्णायक है विवेचना कीजिए।
(2012)
Answer : नगर नियोजन से तात्पर्य उस योजनाबद्ध प्रक्रिया से है, जिसमें नगरों की वर्तमान समस्याओं का निराकरण पर बल देते हुए भावी समस्याओं के समाधान का भी प्रावधान किया जाता है। नगर नियोजन नगरीय विकास को विस्तृत आधार देता है, जिससे नगर समाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक क्षेत्र में चहुंमुखी विकास करते हुए समस्या से बचा रहे।
बढ़ते औद्योगीकरण, नगरीकरण ने ग्रामीण जनसंख्या के एक बड़े भाग को आकर्षित किया है, जिससे शहरी सुविधाओं पर भार के साथ-साथ ....
Question : नगरीय केंद्रों में जनसंख्या घनत्व के वितरण संबंधित विभिन्न प्रतिमानों का मूल्यांकन कीजिए?
(2012)
Answer : जनसंख्या घनत्व संकल्पना में जनसंख्या आकार एवं भूमि क्षेत्रफल का अनुपात ज्ञात किया जाता है। इसका लक्ष्य किसी क्षेत्र के संसाधनों पर जनसंख्या दबाव मालूम करना होता है। इस प्रकार यह जनसंख्या जमाव ज्ञात करने का एक तरीका है, जिसे प्रति वर्ग किलो मीटर में व्यक्त किया जाता है। जनसंख्या को अंश तथा क्षेत्रफल को हर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
भूगोलवेत्ताओं ने जनसंख्या घनत्व प्रतिमान के अंश एवं हर में परिमार्जन करके विभिन्न ....
Question : विश्व में शिशु मृत्यु दर की स्थिति
(2012)
Answer : शिशु मृत्यु दर से तात्पर्य प्रति हजार जनसंख्या के पीछे एक वर्ष से नीचे की आयु के शिशुओं की मृत्यु संख्या से है। विश्व में शिशु मृत्यु दर में क्षेत्रीय आधार पर विषमता पायी जाती है। एक तरफ जहां विकसित व औद्योगीकृत देशों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छता इत्यादि के कारण शिशु मृत्यु दर न्यून है, तो वहीं विकासशील देशों में शिशु मृत्यु दर चिंता का विषय बना हुआ है। अति पिछड़े अथवा गरीब देशों ....
Question : दक्षिण महाद्वीपों में जनसंख्या वितरण की समानता व उसके कारण
(2012)
Answer : विश्व जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इसका वितरण समान रूप से नहीं पाया जाता है। विभिन्न प्रदेशों के आंतरिक भागों में जनसंख्या वितरण असमान पाए जाते हैं, किंतु समान परिस्थितियों में जनसंख्या वितरण समान होते हैं।
गोंडवाना लैंड के भाग दक्षिण महाद्वीपों में अनेक भौगौलिक, आर्थिक, राजनैतिक एवं समाजिक कारणों से जनसंख्या वितरण में समानता पायी जाती है।
दक्षिण महादीपों के नदी घटियों एवं समतल भूमि में जनसंख्या का घनत्व अधिक पाया जाता है ....
Question : नगरीय जनसांख्यिकी पर प्रवास का प्रभाव
(2012)
Answer : प्रवास अथवा जनसंख्या के उत्प्रवास की प्रक्रिया दोनों ही स्थानों, जहां से वे जाते हैं और जहां वे जाते हैं, समाजों, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण व जनसांख्यिकी को प्रभावित करते हैं। ये प्रभाव पारिस्थितिकी, समाज, अर्थव्यवस्था के अनुकूल अथवा हानिकारक हो सकते हैं।
उद्गम स्थान और गन्तव्य स्थान, प्रवासी व्यक्ति तथा उसके परिवार उनकी जनसंख्या और जनसांख्यिकी संरचना में संख्यात्मक व गुणात्मक परिवर्तन होता है। सामान्यतः घने बसे और अधिक जनसंख्या वाले प्रदेशों से लोग कम बसे और ....
Question : विकासशील विश्व में शहरीकरण के संदर्भ में गौण शहर
(2011)
Answer : विकासशील विश्व में शहरीकरण के संदर्भ में गौण शहरों का महत्व दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। वर्तमान समय में विकासशील देशों में शहरीकरण एवं नगरीय फैलाव की प्रवृत्ति अधिक है। विकासशील देशों में एक शहर विकास ध्रुव के रूप में विकसित होती है। वहां रोजगार, आर्थिक क्रियाएं, नगरीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास होता है जिससे नगरीय फैलाव का निरंतर विकास होता है और नगर के बाह्य उपांत भागों में सेटेलाइट नगर, गौण शहर का ....
Question : इस्टतम जनसंख्या
(2010)
Answer : इस सिद्धांत का प्रतिपादन संसाधनों के सापेक्ष जनसंख्या का मूल्यांकन करने के लिये हुआ है। सर्वप्रथम एडविन केनन ने जनसंख्या संसाधनों के अतर्संबंधों का विश्लेषण करते हुये, किसी देश या समाज में अनुकूलतम जनसंख्या को जानने की दिशा में सिद्धांत देने का प्रयास किया। इसके पश्चात् डाल्टन, क्लार्क तथा डडले स्टाम्प आदि विद्वानो ने इसके विकास की दिशा में प्रयास किए।
अनुकूलतम जनसंख्या का तात्पर्य, किसी देश या समाज की वह जनसंख्या है, जो उपलब्ध संसाधन, ....
Question : विकासशील देशों की विशाल जनसंख्याएं अभिशाप नहीं हैं। ये एक परिसंपत्ति हो सकती है और ये हैं भी यदि स्थितियों का सुचारू प्रबंधन किया जाए। इस निश्चयात्मक कथन को सविस्तार स्पष्ट कीजिये।
(2010)
Answer : यह सर्वविदित है कि विशाल जनसंख्या किसी भी देश के लिये अभिशाप नहीं होती है, अपितु वरदान होती है। यह अभिशाप तब होती है, जब इसकी आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति ठीक से न हो।
वर्ष 1950-90 के बीच 40 वर्षों में विश्व की कुल जनसंख्या वृद्धि का 85% भाग विकासशील देशों में (एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका) तथा 15% विकसित देशों में हुआ, अर्थात् पिछले कुछ दशकों में विश्व की जनसंख्या बड़़ी तेजी से बढ़ी और भविष्य ....
Question : वृहत्तर महानगर की संकल्पना को सुस्पष्ट कीजिए और उत्तरी अमरीका और यूरोप से एक-एक ऐसे प्रदेश को चुन कर, कुल दो ऐसे प्रदेशों से संबंधित अभिलक्षणों और समस्याओं पर चर्चा कीजिए।
(2009)
Answer : मेगालोपोलिस से तात्पर्य किसी महानगर के आस-पास एक-दूसरे के समीप स्थित बहुत से नगरों का क्षेत्र, अथवा वह प्रदेश जिसमें बहुत से बड़े नगर एवं उपनगर एक दूसरे के समीप स्थित हों।
मेगालोपोलिस शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम जीन गाटमैन द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तरी-पूर्वी समुद्रतटीय प्रदेश के नामकरण के लिए 1957 में किया गया। इसमें अनेक महानगर संयुक्त रूप से मिल जाते हैं। ....
Question : संसार के सांस्कृतिक प्रदेशों का एक मोटा-मोटा वर्गीकरण प्रदान कीजिए।
(2009)
Answer : सांस्कृतिक प्रदेश एक भौगोलिक क्षेत्र होता है, जहां सांस्कृतिक लक्षण समरूपता बनाये रखते हैं। किसी सामाजिक समूह के रहन-सहन, खान-पान, आर्थिक क्रियाओं पर भौतिक दशाओं का प्रभाव पड़ता है।
इन सभी प्रक्रियाओं के एकीकृत स्वरूप को संस्कृति तथा इस संस्कृति तथा इस संस्कृति के क्षेत्र को सांस्कृतिक प्रदेश कहते हैं।
विभिन्न भूगोलवेत्ताओं जैसे रैट्जेल, व्लैकी एवं स्पेंसर, ब्रोक, वेब इत्यादि ने सांस्कृतिक प्रदेशों का वर्गीकरण किया है, जिसमें ब्रोक वेब ने सर्वमान्य वर्गीकरण दिया है। इनके अनुसार ....
Question : जनसंख्या संवृद्धि के सामाजिक और आर्थिक सिद्धांतों (थियोरियों) पर चर्चा कीजिए।
(2008)
Answer : सर्वप्रथम प्लेटो ने जनसंख्या संवृद्धि संबंधी विचार प्रस्तुत किये थे, लेकिन जनसंख्या वृद्धि के व्यवस्थित विचार प्रस्तुत करने का श्रेय माल्थस को जाता है। उन्होंने जनसंख्या वृद्धि को एक जैविक क्रिया का परिणाम माना, अतः उनका सिद्धांत जनसंख्या वृद्धि के प्राकृतिक आधार की व्याख्या करता है।
लेकिन यदि सूक्ष्मता से परीक्षण करें तो उनके सिद्धांत में सामाजिक और आर्थिक भूमिका भी स्पष्ट हो जाती है, जिसे बाद में रिकार्डों जैसे विद्वान ने स्पष्ट किया।
Question : ‘प्राइमेट’ शहर
(2008)
Answer : प्राइमेट शहर किसी भी राज्य अथवा प्रदेश की सबसे बड़ी बस्ती होती है। यह सर्वाधिक केन्द्रीय स्थान वाला नगर होता है तथा सामान्य से लेकर अति विशिष्ट कार्यों को संपन्न करता है। सभी केन्द्रीय बस्तियां अति विशिष्ट कार्य नहीं कर सकतीं, इसलिए उनमें से कोई एक बस्ती ही प्राइमेट शहर होगा।
कोटि-आकार नियम तथा प्राइमेट शहरों के अध्ययन का प्रथम कार्य जेफरसन महोदय द्वारा 1939 ई. में किया गया था। इनके अनुसार नगर अपने आप विकसित ....
Question : शहरी उपांत का निरूपण
(2007)
Answer : उपान्त शब्द स्वयं ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों के बीच एक सीमा रेखा का प्रतीक स्वरूप है। यह वास्तव में नगरीय क्षेत्रों की सीमा पर फैला होता है, जो नगर को घेरे होता है और वास्तविक देहाती क्षेत्र से इसे अलग करता है। 1937 में टीएल स्मिथ नामक समाजशास्त्री ने सर्वप्रथम शहरी उपान्त शब्द का प्रयोग किया और नगर की प्रशासकीय सीमा के बाहर निर्मित क्षेत्र को शहरी उपांत कहा।
लेविस कोबले के अनुसार, ‘शहरी उपांत शहर ....
Question : नगरीय भूगोल में प्रमुख शहर तथा श्रेणी आकार प्रणाली की संकल्पनाएं क्या है? विस्तार से चर्चा कीजिए।
(2006)
Answer : कोटि आकार नियम एक सैद्धांतिक मॉडल है, जो किसी प्रदेश में नगरीय बस्तियों का उनके आकार के अनुसार वितरण की आदर्श तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके अनुसार नगरों की कोटि एवं उनके आकारमें एक निश्चित संबंध पाया जाता है, जिसके बारे में अनेक विद्वानों ने विचार प्रस्तुत किया है। इस दिशा में प्रथम प्रयास ओयरबैक द्वारा 1913 ई. में किया गया।
किसी भी प्रदेश में, ....
Question : प्राथमिक नगर की संकल्पना
(2005)
Answer : प्राथमिक नगर किसी भी राज्य अथवा प्रदेश की सबसे बड़ी बस्ती होती है। यह सर्वाधिक केन्द्रीय स्थान वाला नगर होता है तथा सामान्य से लेकर अति विशिष्ट कार्यों को संपन्न करता है। सभी केन्द्रीय बस्तियां अति विशिष्ट कार्य नहीं कर सकतीं, इसलिए उनमें से कोई एक बस्ती ही प्राथमिक नगर होगा।
कोटि-आकार नियम तथा प्राथमिक नगरों के अध्ययन का प्रथम कार्य जेफरसन महोदय द्वारा 1939 ई. में किया गया था। इनके अनुसार नगर अपने आप विकसित ....
Question : नगरीय प्रभाव के क्षेत्र की संकल्पना का परीक्षण कीजिए तथा उसके सीमांकन में इस्तेमाल की जाने वाली गुणात्मक एवं मात्रत्मक विधियों की विवेचना कीजिए।
(2003)
Answer : नगर प्रभाव क्षेत्र का समान्य तात्पर्य उस भौगोलिक प्रदेश से है, जो किसी नगर की सीमा के बाहर अवस्थित है, किंतु आर्थिक तथा सामाजिक कार्यों के लिए वह नगर पर निर्भर करता है। नगर भी कई प्रकार के कार्यों के लिए अपने आस-पास के क्षेत्रों पर निर्भर करता है। जेफरसन के अनुसार नगर का विकास अपने आप नहीं होता है उनके विकास का आधार आस-पास का ग्रामीण क्षेत्र निर्धारित करता है। गेड्स तथा स्मेल जैसे ....
Question : संसार में जनसंख्या प्रवसन के कारणों और परिणामों पर चर्चा कीजिए।
(2000)
Answer : प्रवसन का वास्तविक अर्थ आवास का स्थायी या अर्द्धस्थायी विस्थापन है। यह मौसमी के साथ-साथ अस्थायी भी हो सकती है। आवास का यह परिवर्तन जब अंतर्राष्ट्रीय सीमा के आर-पार होता है, तब उसे अंतर्राष्ट्रीय प्रवसन के नाम से जाना जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रवसन मानव भूगोल की सर्वाधिक महत्वपूर्ण परिघटनाओं में से है। प्रवसन के कारकों को अभिकर्षण एवं प्रतिकर्षण कारकों के अंतर्गत रखा जा सकता है-
(i) अभिकर्षण कारक- ये कारण गंतव्य या मेजबान देश से ....
Question : श्रेणी आकार प्रणाली
(2000)
Answer : श्रेणी-आकार प्रणाली जगहों के आकार व उनकी श्रेणी या कोटि (तंदा) के बारे में एक नियमित संबंध की परिकल्पना करता है। यह एक सैद्धांतिक माडल है तथा नगरों के आकार में गुणात्मक समांताओं के संबंधों को बताने वाला आदर्श है। श्रेणी-आकार नियम के अनुसार नगरों का आपस में आकार के अनुसार संबंध होता है। ये आपस में इस प्रकार संबंधित होते हैं कि उनमें एक क्रम पाया जाता है।
एक प्रदेश (चाहे सम्पूर्ण विश्व हो, देश ....
Question : प्रमुख शहर
(1999)
Answer : नगरों के छोटे-बड़े आकारों के आधार पर प्रत्येक देश में जो सबसे बड़ा नगर होता है, उसे ‘प्रमुख नगर’ कहा जाता है। मार्क जैफरसन के ‘प्रमुख नगर सिद्धांत’ के अनुसार किसी देश का प्रमुख नगर उस देश के द्वितीय नगर के दो या तीन गुने से अधिक बड़ा होता है। जैफरसन ने पाया कि संसार के 28 प्रमुख नगरों का आकार द्वितीय नगर से तीन गुना बड़ा था। जैफरसन के अनुसार प्रमुख नगर अपने देश ....