भूजल में आर्सेनिक एवं फ्लोराइड प्रदूषण: NGT के निर्देश

?>

17 अप्रैल, 2026 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सभी राज्यों को भूजल में आर्सेनिक एवं फ्लोराइड प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

अधिकरण के निर्देश

  • सभी 28 राज्यों को इस मामले में पक्षकार बनाया गया है।
  • राज्यों को जिले, गाँव और ब्लॉक स्तरों पर आर्सेनिक एवं फ्लोराइड प्रदूषण से संबंधित डेटा प्रस्तुत करना होगा।
  • केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) को निर्देश दिया गया कि वह राज्यों द्वारा उठाए गए शमन उपायों की नियमित निगरानी करे तथा सुधारात्मक कार्रवाइयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे।

भूजल प्रदूषण के कारण

  • मानवजनित कारण: औद्योगिक प्रदूषण, उर्वरकों का अत्यधिक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ