बिहार के पुरातात्त्विक स्थलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण

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बिहार सरकार ने पुरातात्त्विक और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण हेतु गैर-आक्रामक आधुनिक भू-भौतिकीय तकनीकों (Non-invasive Geophysical Techniques) के उपयोग का निर्णय लिया है।

तकनीकी अनुप्रयोग एवं प्रमुख स्थल

  • LiDAR (Light Detection and Ranging): पुरातात्त्विक टीलों और संरचनाओं के सटीक त्रि-आयामी (3D) स्थलाकृतिक मानचित्रण हेतु।
  • GPR (Ground Penetrating Radar): बिना भौतिक उत्खनन के भूमिगत स्तर पर दबी प्राचीन ईंट संरचनाओं और कलाकृतियों का पता लगाने के लिए।

सर्वेक्षण हेतु चिह्नित स्थल:

  1. महाबोधि मंदिर परिसर (बोधगया)
  2. केसरिया स्तूप (पूर्वी चंपारण) - शेष टीले के वैज्ञानिक उत्खनन की अनुशंसा
  3. माँ मुंडेश्वरी मंदिर परिसर (कैमूर)
  4. सुल्तानगंज एवं मंदार पर्वत (बांका)

पूर्वी चंपारण स्थित विश्व के ....

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