Question : रसेल के वर्णन-सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए और पी.एफ. स्ट्रॉसन की आलोचना के विशेष संदर्भ में उसकी परीक्षा करें।
(2007)
Answer : रसेल ने मूर के साथ आरम्भ में यह माना था कि जितने भी शब्द सार्थक हैं, उनमें केवल वही शब्द सार्थक है, जो किसी न किसी वस्तु का निर्देश करते हैं और वह वस्तु ही उस शब्द का अर्थ है। यही रसेल का वर्णन सिद्धान्त कहलाता है। अधिकतर दार्शनिकों ने इस सिद्धान्त के स्वीकार किया था और उन्हीं की परम्परा में रसेल ने विशेषकर अपने पारंपरिक चिंतन में इस सिद्धान्त को माना। जैसे मेज शब्द ....