अशोक के प्रमुख शिलालेख: प्रशासनिक और कल्याण नीतियाँ
अशोक (268–232 ई.पू.) के प्रमुख शिलालेख केवल नैतिक संदेश नहीं थे, बल्कि धम्म (धर्म या धर्मनिष्ठ शासन) को लागू करने के लिए प्रशासनिक और कल्याण नीतियों के प्रमुख उपकरण थे। ये शिलालेख साम्राज्य के हर कोने में अशोक के शासन दर्शन का व्यावहारिक रूप प्रस्तुत करते हैं।
- प्रशासनिक एवं न्यायिक निर्देश
- नीति घोषणा (धम्मघोष): अशोक ने युद्ध विजय (भेरिघोष) से नैतिक शासन (धम्मघोष) की ओर प्रशासनिक रुख परिवर्तित किया।
- प्रशासनिक भ्रमण: युक्त, प्रादेशिक और रज्जुक जैसे अधिकारियों को हर पाँच वर्षों में भ्रमण करने का आदेश दिया, ताकि धम्म का प्रचार और कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
- नया अधिकारी वर्ग (धम्म ....
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