ब्रिटिश कालीन पुलिस प्रणाली
ब्रिटिश शासन ने भारत में एक केन्द्रीकृत और संगठित पुलिस व्यवस्था की स्थापना की, जिसका मूल उद्देश्य था औपनिवेशिक शासन को सुरक्षित रखना, राजस्व संग्रह को सुचारू बनाना और विद्रोह या असहमति के किसी भी स्वर को दबाना।
1857 के स्वाधीनता संग्राम के बाद, ब्रिटिशों ने यह महसूस किया कि शासन बनाए रखने के लिए एक सख्त, अनुशासित और सैन्य जैसी पुलिस व्यवस्था आवश्यक है।
इस प्रकार, उन्होंने मुगलकालीन विकेन्द्रीकृत और पारंपरिक पुलिस तंत्र को समाप्त कर एक नियंत्रित, नौकरशाही आधारित प्रणाली लागू की।
लॉर्ड कॉर्नवालिस का योगदान
- जमींदारी पुलिस का उन्मूलनः लॉर्ड कॉर्नवॉलिस ने जमींदारों (वंशानुगत जमींदारों) को उनके पारंपरिक पुलिस कार्यों से ....
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