मुग़ल शासन व्यवस्था एवं प्रशासनिक तंत्र
मध्यकालीन भारत में मुग़ल शासन-व्यवस्था सबसे केंद्रीकृत और विस्तृत राजनीतिक तंत्रों में से एक थी। यह सम्राट की निरंकुश सत्ता पर आधारित थी, जिसके अधीन नागरिक, सैन्य तथा न्यायिक सभी अधिकार निहित थे। समय के साथ, मुग़लों ने केंद्रीय, प्रांतीय और स्थानीय प्रशासन की एक अत्यंत संगठित व्यवस्था विकसित की, जिसमें विशेष विभाग, अनुशासित सैन्य ढाँचा तथा मनसबदारी और जागीरदारी जैसे अद्वितीय संस्थान सम्मिलित थे।
केंद्रीय प्रशासन
- सम्राट झरोखा दर्शन की परंपरा का पालन करता था और दीवान-ए-आम में आम जनता से मिलकर उनकी शिकायतें सुनता था।
- वज़ीर राजस्व विभाग का प्रमुख होता था, किंतु अकबर के समय में उसका पद अधिक औपचारिक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

