मौर्य और गुप्त काल में कानून व्यवस्था
मौर्य और गुप्त काल की पुलिस प्रणालियाँ उनके अलग-अलग प्रशासनिक दर्शन को प्रतिबिंबित करती हैं, जहां मौर्य मॉडल अत्यधिक केंद्रीकृत और कठोर था, वहीं गुप्त प्रणाली अधिक विकेन्द्रीकृत और उदार थी।
मौर्य साम्राज्य (लगभग 322-185 ईसा पूर्व)
- केंद्रीकृत प्रशासनिक ढाँचाः मौर्यकालीन राजधानी पाटलिपुत्र में एक सुव्यवस्थित पुलिस विभाग था, जिसका प्रमुख अधिकारी नगरक कहलाता था।
- वह कानून व्यवस्था, जन सुरक्षा, जन्म मृत्यु पंजीकरण और नगर की समग्र सुरक्षा का उत्तरदायी था।
- पदक्रमीय संरचनाः जिला स्तर पर राज्जुक नामक अधिकारी राजस्व संग्रह के साथ-साथ कानून लागू करने के कार्य से भी जुड़ा था।
- ग्राम स्तर पर ग्रामणी स्थानीय प्रहरी के रूप में कार्य करता था और ....
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