क्रिप्स मिशन
मार्च 1942 में ब्रिटिश सरकार ने सर स्टैफर्ड क्रिप्स को भारत भेजा ताकि द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सहयोग प्राप्त किया जा सके। इसके बदले में ब्रिटेन ने युद्ध के बाद भारत को “डोमिनियन स्टेटस” (Dominion Status) देने और एक संविधान सभा (Constituent Assembly) गठित करने का प्रस्ताव रखा। परंतु यह प्रस्ताव बहुत देर से आया और यह भारतीयों को सीमित अधिकार देता था तथा प्रांतों को पृथक होने की अनुमति देता था — इसलिए इसे प्रमुख भारतीय राजनीतिक दलों ने अस्वीकार कर दिया। इस असफलता ने ही आगे चलकर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (Quit India Movement) की पृष्ठभूमि तैयार की।
क्रिप्स ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

