अशोक की शासन व्यवस्था एवं धम्म नीति
सम्राट अशोक (273–232 ई.पू.), मौर्य वंश के एक विलक्षण और महान शासक थे। कलिंग युद्ध के बाद उनमें गंभीर परिवर्तन आया, उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और ‘धम्म’ (Dhamma) की नीति का प्रचार किया।
- ‘धम्म’ कोई धर्म नहीं था, बल्कि यह एक नैतिक आचरण-संहिता (Moral Code of Conduct) थी — जिसका उद्देश्य था एक न्यायपूर्ण, मानवतावादी और सद्भावपूर्ण समाज की स्थापना करना।
- यह नीति जाति, वर्ग या धर्म के भेद से परे, सभी के लिए समान रूप से लागू थी।
धम्म का अर्थ
- धम्म शब्द संस्कृत के ‘धर्म’ से व्युत्पन्न है, जिसका अर्थ है — कर्तव्य, सत्यनिष्ठा और नैतिक नियम।
- अशोक के धम्म का मुख्य ....
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