जलवायु-जनित आपदाएँ: अनुकूलन योजना और जलवायु वित्त का एकीकरण
भारत विश्व के शीर्ष 10 जलवायु-संवेदनशील देशों में शामिल है, जहाँ बाढ़, सूखा, चक्रवात, हीटवेव और हिमनदी झील विस्फोट (GLOFs) जैसी जलवायु-जनित आपदाओं की आवृत्ति लगातार बढ़ रही है। ये आपदाएँ अब केवल कभी-कभार घटित होने वाली घटनाएँ नहीं रहीं, बल्कि बढ़ते तापमान, अनियमित मानसून और बदलते समुद्र-स्तर से निर्मित लगातार दबावकारी चुनौतियाँ बन गई हैं। इनसे निपटने के लिए केवल प्रतिक्रियात्मक राहत उपायों से आगे बढ़ना होगा और अनुकूलन योजना (Adaptive Planning) तथा एकीकृत जलवायु वित्त तंत्र (Climate Finance Integration) को अपनाना होगा, ताकि दीर्घकालिक लचीलापन (Resilience) विकसित किया जा सके।
जलवायु-जनित आपदाएँ क्या हैं?
- ये वे आपदाएँ हैं ....
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- 8 सूखा: शुष्क क्षेत्र मानचित्रण एवं मरुस्थलीकरण नियंत्रण कार्यक्रम
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- 10 शहरी बाढ़ एवं अपवाह मानचित्रण
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- 16 भारत में प्रमुख मृदाएं
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- 20 खनिज संसाधन: वितरण एवं प्रमुख उत्पादक क्षेत्र
- 21 औद्योगिक कॉरीडोर – DMIC, ईस्ट कोस्ट कॉरीडोर और गति शक्ति
- 22 लॉजिस्टिक्स और मल्टी-मोडल अवसंरचना
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- 24 बंदरगाह-आधारित विकास
- 25 कृषि संक्रमण – फसल विविधीकरण, कृषि-जलवायु क्षेत्रीयकरण, प्राकृतिक कृषि
- 26 पर्यटन और तीर्थ सर्किट
- 27 पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र एवं भूदृश्य-स्तरीय संरक्षण
- 28 मरुस्थलीकरण एवं भूमि निम्नीकरण
- 29 आर्द्रभूमि, रामसर स्थल एवं अंतर्देशीय जलीय रूपांतरण
- 30 शहरी ऊष्मा द्वीप और नगरीय सूक्ष्म जलवायु: जलवायु अनुकूलन योजना
- 31 वायु प्रदूषण का भूगोल: सिंधु-गंगा का मैदान, NCAP, GRAP और वाहन उत्सर्जन हॉटस्पॉट
- 32 मानसून परिवर्तनशीलता एवं ENSO-IOD प्रतिरूप
- 33 जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ: बदलती प्रकृति और जलवायु प्रभाव
- 34 जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून व्यवहार में परिवर्तन
- 35 हिमनद निवर्तन, नदी प्रवाह में परिवर्तन तथा इसके प्रभाव
- 36 समुद्र स्तर वृद्धि, तटीय अपरदन एवं तटरेखा मानचित्रण
- 37 कार्बन सिंक, कार्बन बाज़ार, और भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना
- 38 जलवायु-स्मार्ट कृषि एवं भूमि-उपयोग संक्रमण
- 39 हीट वेव, शहरी जलवायु तनाव और अनुकूलन आधारित नियोजन
- 40 प्रकृति-आधारित समाधान एवं पारिस्थितिकी-आधारित अनुकूलन पहलें
- 41 बाढ़, सूखा एवं भूस्खलन के लिए आपदा जोखिम मानचित्रण
- 42 भूकम्प संभाव्यता क्षेत्र एवं तैयारी उपाय
- 43 चक्रवात: पूर्व चेतावनी प्रणाली और AI आधारित पूर्वानुमान
- 44 सूखा: शुष्क क्षेत्र मानचित्रण एवं मरुस्थलीकरण नियंत्रण कार्यक्रम
- 45 ठोस अपशिष्ट और लैंडफिल प्रबंधन
- 46 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन: नियम, चुनौतियाँ और समाधान
- 47 वायु गुणवत्ता प्रबंधन – राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) कार्यान्वयन
- 48 जनसंख्या गतिशीलता: प्रवासन पैटर्न, जनसांख्यिकीय लाभांश एवं जलवायु-जनित विस्थापन
- 49 शहरीकरण की प्रवृत्तियाँ और सतत शहर
- 50 भारत की जनजातियाँ – FRA, PESA और पारिस्थितिक-सांस्कृतिक परिदृश्य
- 51 भारत में क्षेत्रीय असमानताओं और स्थानिक विकास के पैटर्न

