जलवायु-स्मार्ट कृषि एवं भूमि-उपयोग संक्रमण

21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन है। बढ़ते तापमान, अनिश्चित मानसून और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव ने कृषि और भूमि-उपयोग प्रणालियों को गहराई से प्रभावित किया है। भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में, जहाँ लगभग 55% जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, जलवायु परिवर्तन का सीधा असर खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

  • इसी संदर्भ में जलवायु-स्मार्ट कृषि (Climate-Smart Agriculture – CSA) और भूमि-उपयोग परिवर्तन (Land-Use Transitions) दो ऐसे दृष्टिकोण हैं जो न केवल कृषि उत्पादन को स्थिर रखते हैं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास को भी सुनिश्चित करते हैं।
  • जलवायु-स्मार्ट कृषि का उद्देश्य है, ....
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