तटीय और ब्लू इकोनॉमी
भारत तीन ओर से समुद्र से घिरा है और इसकी लंबी तटरेखा इसे 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) के लिए एक वैश्विक शक्ति बनाती है। ब्लू इकोनॉमी का अर्थ केवल समुद्री व्यापार नहीं है, बल्कि यह समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग (Sustainable Use) है, जिससे आर्थिक विकास हो, आजीविका में सुधार हो, और साथ ही समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) भी स्वस्थ रहे।
- वर्तमान में, ब्लू इकोनॉमी भारत की GDP में लगभग 4% का योगदान देती है, और सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाना है।
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ब्लू इकोनॉमी के घटक एवं तटीय भूगोल |
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घटक |
मुख्य गतिविधियाँ एवं क्षेत्रीय दायरा |
आँकड़े/मेट्रिक (MoES, Sagarmala) |
तटीय भूगोल संबंध |
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समुद्री व्यापार एवं .... | |||
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