सूखा: शुष्क क्षेत्र मानचित्रण एवं मरुस्थलीकरण नियंत्रण कार्यक्रम

सूखा भारत की सबसे स्थायी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है, जो देश के लगभग 68% भू-भाग को विभिन्न स्तरों पर प्रभावित करता है। इसी कारण शुष्क क्षेत्र मानचित्रण और मरुस्थलीकरण नियंत्रण कार्यक्रम भारत की पर्यावरणीय और कृषि नीतियों का केंद्रीय हिस्सा बन गए हैं। जलवायु परिवर्तनशीलता, अस्थिर भूमि उपयोग और भूजल क्षय ने सूखे के प्रभावों को और तीव्र बना दिया है। ऐसे में वैज्ञानिक मानचित्रण और पुनर्स्थापन कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, ताकि आजीविका सुरक्षित रहे और पारिस्थितिक संतुलन बना रहे।

सूखा क्या है?

  • सूखा एक लंबी अवधि तक वर्षा की कमी है, जो जल संकट और कृषि पर ....

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