विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 मसौदा


सितंबर 2020 में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा पहली बार विदुयत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 मसौदा तैयार किया गया है।

उद्देश्य: बिजली उपभोक्ता को बिजली प्रदान करने और उपभोक्ता संतुष्टि पर ध्यान देने हेतु प्रमुख सेवाओं की पहचान करना, इन सेवाओं के संबंध में न्यूनतम सेवा स्तर और मानकों को निर्धारित करना।

मुख्य विशेषताएं : बिजली वितरण कंपनियों डिस्कॉम के लिए प्रति वर्ष उपभोक्ताओं की औसत संख्या और आउटेज की अवधि तय करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी)।

  • 10 किलोवाट भार तक के विद्युत कनेक्शन के लिए केवल दो दस्तावेज और कनेक्शन देने में तेजी लाने के लिए 150 किलोवाट तक भार के लिए कोई अनुमानित मांग शुल्क नहीं।
  • नया कनेक्शन प्रदान करने और मौजूदा कनेक्शन को संशोधित करने की समय अवधि मेट्रो शहरों में अधिक से अधिक 7 दिन, अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में 15 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन से ज्यादा नहीं होगी।
  • साठ दिनों या अधिक की देरी के साथ सेवारत बिलों पर 2-5% की छूट।
  • नकद, चेक, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग आदि से बकाया बिलों का भुगतान करने का विकल्प लेकिन 1000 रुपये या उससे अधिक के बिल का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।
  • बिजली वितरण कंपनियों- डिस्कॉम द्वारा सेवा में देरी के लिए मुआवजा या दंड का प्रावधान।