शौर्य मिसाइल


भारत ने 3 अक्टूबर, 2020 को ओडिशा के तट से स्वदेशी विकसित परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइल ‘शौर्य’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: 'शौर्य' पनडुब्बी द्वारा लॉन्च की गई ‘लघु श्रेणी एसएलबीएम K-15 सागरिका’ (Short Range SLBM K-15 Sagarika) मिसाइल का भूमि संस्करण है, इसकी मारक क्षमता 700 किमी. से 1000 किमी. तक है और यह 200 किलोग्राम से 1000 किलोग्राम के पेलोड ले जाने में सक्षम है।

  • यह मिसाइल 10 मीटर लंबी, 74 सेमी व्यास और 6.2 टन वजन की है। इसके दो चरण ठोस प्रणोदक का उपयोग करते हैं। शौर्य मिसाइल दुश्मन की निगरानी या उपग्रहों से भूमिगत छिपी रह सकती है।
  • K-15 मिसाइल, 'K मिसाइल समूह' (K missile family) से संबंधित हैं, जो मुख्य रूप से पनडुब्बी द्वारा लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइलें (SLBM) हैं, जिन्हें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है और जिनका नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है।
  • भारत ने 3500 किमी. की क्षमता वाली कई K-4 मिसाइलों का विकास एवं सफल परीक्षण किया है। K मिसाइल समूह की अधिकांश मिसाइलों को K-5 और K-6 नाम दिया गया है, जिनकी क्षमता 5000 से 6000 किमी. के मध्य है।
  • K-15 और K-4 मिसाइलों का विकास एवं परीक्षण वर्ष 2010 की शुरुआत में हुआ था।