प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण पर RBI के संशोधित दिशानिर्देश

19 जनवरी, 2026 को RBI ने भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रक को ऋण–लक्ष्य एवं वर्गीकरण) दिशा-निर्देश, 2025 अधिसूचित किए, जिनके माध्यम से प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण (PSL) ढाँचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

नए दिशानिर्देश क्या हैं?

  • सुदृढ़ अनुपालन एवं बाह्य लेखा-परीक्षा: RBI ने बैंकों के लिए यह अनिवार्य किया है कि वे बाह्य लेखा-परीक्षकों से प्रमाणन प्राप्त करें। (विशेष संस्थाओं, जैसे NCDC, के लिए CAG-पैनल में शामिल लेखा-परीक्षक मान्य होंगे।)
  • क्षेत्रीय लक्ष्यों में संशोधन: लघु वित्त बैंकों (SFBs) के लिए PSL लक्ष्य को समायोजित शुद्ध बैंक ऋण (ANBC) के 75% से घटाकर 60% कर दिया गया ....

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