घरेलू बांस उद्योग को बढ़ावा देने की योजना


केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18 सितंबर, 2020 को 'विश्व बांस दिवस' के अवसर पर बांस वेबिनार को संबोधित करते हुये कहा कि केंद्र सरकार ने घरेलू बांस उद्योग को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: पुराने भारतीय वन अधिनियम में संशोधन किया गया है, ताकि घरेलू बांस को वन अधिनियम के दायरे से बाहर रखा जा सके। इससे लोगों की आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

  • कच्चे बांस की वस्तुओं पर आयात शुल्क 25% बढ़ाया गया है, जिससे घरेलू बांस उद्योगों जैसे फर्नीचर, हस्तशिल्प और अगरबत्ती बनाने में बड़े पैमाने पर मदद मिलेगी।
  • जम्मू क्षेत्र में कटरा, जम्मू और सांबा कस्बों में बांस की टोकरी, अगरबत्ती और बांस चारकोल बनाने के लिए तीन बांस क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जो लगभग 25,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
  • इसके अलावा जम्मू के पास एक मेगा बांस औद्योगिक पार्क और बांस प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण केंद्र भी इस क्षेत्र में खोला जाएगा।
  • बांस उद्योग पूर्वोत्तर सहित पूरे देश की अर्थव्यवस्था को एक नया आकार देने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन्त्र ‘वोकल फॉर लोकल’ पर ध्यान केंद्रित करते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।