भारत के आठ समुद्र तट ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण के लिए अनुशंसित


18 सितंबर, 2020 को अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता-दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक वर्चुअल कार्यक्रम में पहली बार भारत के 8 समुद्र तटों को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय इको-लेबल, ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण करने के लिए अनुशंसित किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह अनुशंसा प्रख्यात पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों की एक स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी द्वारा की गई है।

  • ब्लू फ्लैग समुद्र तटों को दुनिया का सबसे साफ समुद्र तट माना जाता है। ब्लू फ्लैग प्रमाणन डेनमार्क की एक संस्था ‘फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन’ (FEE) द्वारा दिया जाता है।
  • इसके लिए चार प्रमुख आधारों पर आकलन किया जाता है, जिनमें पर्यावरण शिक्षा एवं सूचना, जल गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और समुद्र तटों की सुरक्षा एवं सेवा शामिल है।
  • ये 8 समुद्र तट गुजरात में शिवराजपुर, दमन और दीव में घोघला, कर्नाटक में कसरकोड और पादुबिद्री समुद्र तट, केरल में कप्पड़, आंध्र प्रदेश में रुशिकोंडा, ओडिशा का गोल्डन समुद्र तट और अंडमान और निकोबार में राधानगर समुद्र तट हैं।

बीम्स: इस कार्यक्रम के दौरान भारत ने अपने ‘एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन परियोजना’ के तहत अपना इको-लेबल 'बीम्स' (Beach Environment & Aesthetics Management Service- BEAMS) भी लॉन्च किया।

  • BEAMS कार्यक्रम का उद्देश्य तटीय जल प्रदूषण को कम करना, समुद्र तट की सुविधाओं के सतत विकास को बढ़ावा देना, तटीय पारिस्थितिक तंत्र और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और समुद्र तटों के लिए सफाई, स्वच्छता और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखना है।
  • यह कार्यक्रम प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य में समुद्र तट मनोविनोद को बढ़ावा देता है।