कृषक उत्पादक संगठन

  • हाल ही में, लघु एवं सीमांत किसानों को सशक्त बनाने और भारत की खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए “कृषक उत्पादक संगठन” (FPOs) एक महत्वपूर्ण सामूहिक तंत्र के रूप में उभरे हैं।
  • FPO एक प्रकार का “उत्पादक संगठन” है जिसमें किसान इसके सदस्य होते हैं। इसके संवर्धन को लघु कृषक कृषि व्यवसाय कंसोर्टियम” (SFAC) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
  • FPO वर्ष 2008 में अस्तित्व में आए, जो अर्थशास्त्री वाई.के. अलघ की उस सिफारिश (2002) से प्रेरित थे जिसमें उन्होंने कंपनी अधिनियम, 1956 में संशोधन करने का सुझाव दिया था।
  • FPO को कंपनी अधिनियम, 2013, सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860, अथवा भारतीय ट्रस्ट ....
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