विनोद कुमार शुक्ल

हिंदी साहित्य के प्रख्यात विद्वान एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल का 23 दिसंबर, 2025 को निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे।

  • उनकी पहली कविता, ‘लगभग जयहिंद’ 1971 में प्रकाशित हुई, जिसके बाद ‘वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहनकर विचार की तरह’ (1981) प्रकाशित हुई।
  • उनके उल्लेखनीय उपन्यासों में ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी,’ ‘नौकर की कमीज,’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं।
  • वर्ष 1999 में उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, 2024 में उन्हें 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वे छत्तीसगढ़ के पहले लेखक बन गए जिन्हें यह प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ तथा वे इस ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ