संवैधानिक अपकृत्य

हाल ही में, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि घृणा भाषण (Hate Speech) को संवैधानिक अपकृत्य (Constitutional Tort) के रूप में मान्यता दी जाए, क्योंकि इसका मूलभूत अधिकारों पर भेदभावपूर्ण प्रभाव पड़ता है।

  • संवैधानिक अपकृत्य सार्वजनिक कानून के अंतर्गत वह कानूनी उपाय है, जिसमें राज्य अपने अधिकारियों या एजेंसियों द्वारा व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर क्षतिपूर्ति देने के लिए उत्तरदायी होता है।
  • यह निजी अपकृत्य से अलग है, क्योंकि इसका आधार केवल नागरिक अपराध नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होता है।
  • भारत में संवैधानिक अपकृत्य का सिद्धांत संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं है, परन्तु ....
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