शासन, वित्त और आपूर्ति श्रृंखलाओं में ब्लॉकचेन का प्रयोग
भारत अब “क्रिप्टो” की धारणा से आगे बढ़कर ब्लॉकचेन को राष्ट्रीय विश्वास अवसंरचना के रूप में अपना चुका है। इसका मुख्य आधार राष्ट्रीय ब्लॉकचेन रूपरेखा (NBF) है, जो शासन को “केंद्रीकृत डेटाबेस” से हटाकर “वितरित, छेड़छाड़‑रोधी लेजर” पर आधारित करता है। इससे भूमि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे डिजिटल अभिलेख अपरिवर्तनीय, पारदर्शी और अंतःसंचालनीय बनते हैं, जिनके लिए किसी मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं रहती।
हितधारक एवं लाभार्थी
- भूमि स्वामी: अपरिवर्तनीय “प्रॉपर्टी चेन” के माध्यम से संपत्ति धोखाधड़ी से सुरक्षा।
- छात्र/रोजगार आवेदक: “डॉक्यूमेंट चेन” से डिग्री और जाति प्रमाणपत्र का त्वरित, नकली‑रोधी सत्यापन।
- किसान: “ट्रेसबिलिटी चेन” (मसाले/कॉफी) में शामिल होकर असली उत्पाद के लिए ....
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