लैंगिक विकास संकेतक एवं लैंगिक समानता
लैंगिक विकास संकेतक और लैंगिक समानता स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक सहभागिता तथा राजनीतिक सशक्तीकरण के क्षेत्रों में महिलाओं और पुरुषों की सापेक्ष स्थिति का आकलन करते हैं। ये संकेतक भारत में समावेशी, न्यायसंगत और संतुलित मानव विकास की वास्तविक प्रगति को प्रतिबिंबित करते हैं।
प्रमुख प्रभावित समूह
- सभी आयु वर्गों की महिलाएँ और बालिकाएँ।
- सीमांत एवं सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित महिलाएँ।
- ग्रामीण महिलाएँ तथा शहरी अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाएँ।
- किशोरियाँ और महिला उद्यमी।
हालिया प्रगति एवं रुझान
- वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट, 2025 (Global Gender Gap Report, 2025) के अनुसार, भारत 148 देशों में 131वें स्थान पर रहा, जो 2024 ....
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