स्टार्टअप अर्थव्यवस्था एवं नवाचार पारिस्थितिक तंत्र

भारत ने स्वयं को वैश्विक स्तर पर तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिक-तंत्र के रूप में सुदृढ़तापूर्वक स्थापित कर लिया है। स्टार्टअप विमर्श अब केवल कंज्यूमर इंटरनेट तक सीमित न रहकर डीप टेक, जैसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जैव-प्रौद्योगिकी और क्वांटम टेक्नोलॉजी की ओर निर्णायक रूप से स्थानांतरित हो चुका है। इस संक्रमण का मूल प्रेरक तत्व बौद्धिक संपदा (IP) सृजन है। यह पारिस्थितिक-तंत्र भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को रोजगार खोजने वालों के बजाय रोजगार सृजकों में रूपांतरित करने का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है।

नवोन्मेषक और व्यवधानकर्ता (The Innovators & Disruptors)

  • टियर-2/टियर-3 शहर: स्टार्टअप वृद्धि के नए अग्रिम ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

प्रारंभिक विशेष