इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं सेमीकंडक्टर मिशन: प्रगति का परिदृश्य
भारत की आकांक्षा है कि इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलिंग से आगे बढ़ते हुए वह सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, निर्माण (फैब्स), असेंबली, परीक्षण और पैकेजिंग (ATP) के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से एक वैश्विक 'फैब नेशन' के रूप में उभरे। भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM), ₹76,000 करोड़ के वित्तीय आवंटन के साथ इस रणनीति का आधार है, जिसका उद्देश्य जोखिम कम करना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।
प्रभावित वर्ग एवं क्षेत्र
- वैश्विक चिप दिग्गज (Global Chip Giants): माइक्रोन, फॉक्सकॉन तथा संभावित रूप से TSMC—निवेशक और फैब ऑपरेटर।
- भारतीय समूह (Indian Conglomerates): टाटा समूह, रिलायंस और वेदांता, विनिर्माण सुविधाएँ स्थापित करने में प्रमुख ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

