इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं सेमीकंडक्टर मिशन: प्रगति का परिदृश्य

भारत की आकांक्षा है कि इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलिंग से आगे बढ़ते हुए वह सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, निर्माण (फैब्स), असेंबली, परीक्षण और पैकेजिंग (ATP) के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से एक वैश्विक 'फैब नेशन' के रूप में उभरे। भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM), ₹76,000 करोड़ के वित्तीय आवंटन के साथ इस रणनीति का आधार है, जिसका उद्देश्य जोखिम कम करना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।

प्रभावित वर्ग एवं क्षेत्र

  • वैश्विक चिप दिग्गज (Global Chip Giants): माइक्रोन, फॉक्सकॉन तथा संभावित रूप से TSMC—निवेशक और फैब ऑपरेटर।
  • भारतीय समूह (Indian Conglomerates): टाटा समूह, रिलायंस और वेदांता, विनिर्माण सुविधाएँ स्थापित करने में प्रमुख ....
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