रेलवे एवं विमानन क्षेत्र
भारत का परिवहन क्षेत्र इस समय दोहरी क्रांति के दौर से गुजर रहा है, एक ओर रेलवे का वंदे भारतीय करण और दूसरी ओर विमानन क्षेत्र का “लोकतंत्रीकरण (Democratization of Aviation)”।
- नीतिगत ध्यान अब केवल नेटवर्क विस्तार तक सीमित न रहकर गति (Speed), सुरक्षा (Safety) और सेवा गुणवत्ता (Quality of Service) को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हो गया है।
- रेलवे 100% विद्युतीकरण, समर्पित मालवाहक गलियारों और उच्च-गति कॉरिडोर की ओर अग्रसर है, जबकि विमानन क्षेत्र अपनी क्षमता का विस्तार कर भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक विमानन बाज़ार बनाए रखने में सहायक बन रहा है।
प्रभावित वर्ग
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 स्थानीय शासन का डिजिटल रूपांतरण : ई-पंचायत एवं स्मार्ट नगरपालिकाएँ
- 2 डेटा-आधारित शासन : राष्ट्रीय डेटा एवं एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म
- 3 सिविल सेवा क्षमता निर्माण एवं प्रदर्शन प्रबंधन
- 4 लोक सेवा वितरण सुधार
- 5 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) एवं डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म
- 6 शासन, वित्त और आपूर्ति श्रृंखलाओं में ब्लॉकचेन का प्रयोग
- 7 भारत में डेटा शासन एवं व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम का क्रियान्वयन
- 8 भारत की साइबर सुरक्षा संरचना: CERT-In एवं NDMA दिशानिर्देश
- 9 भारत की अंतरिक्ष एवं उपग्रह क्रांति
- 10 कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ
- 1 विकसित भारत@2047
- 2 मैरीटाइम इंडिया विजन 2030
- 3 मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047
- 4 मानव विकास सूचकांक (HDI): भारत की प्रवृत्तियाँ
- 5 भारत में बहुआयामी गरीबी में कमी
- 6 भारत में सामाजिक क्षेत्र के वित्तपोषण के प्रतिरूप
- 7 श्रम बल सहभागिता
- 8 भारत में शहरी-ग्रामीण मानव विकास अंतराल
- 9 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और अधिगम पारितंत्र का रूपांतरण
- 10 डिजिटल अधिगम एवं एड-टेक समावेशन
- 11 उच्च शिक्षा सुधार एवं अनुसंधान-विकास (R&D) का सुदृढ़ीकरण
- 12 आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता: निपुण भारत फ्रेमवर्क
- 13 कौशल विकास पारितंत्र: विद्यालयों में व्यावसायिक एकीकरण
- 14 विद्यालय एवं उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) के रुझान
- 15 उच्च शिक्षा में विनियामक सुधार: प्रत्यायन एवं मूल्यांकन में परिवर्तन
- 16 स्वास्थ्य अवसंरचना रूपांतरण
- 17 खाद्य एवं पोषण सुरक्षा
- 18 बाल एवं मातृत्व स्वास्थ्य
- 19 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)
- 20 बीमारियों का बोझ एवं गैर-संचारी रोग (NCDs)
- 21 वन हेल्थ
- 22 मानसिक स्वास्थ्य पहलें
- 23 जल, स्वच्छता एवं स्वच्छ व्यवहार (WASH) और स्वास्थ्य परिणाम
- 24 लैंगिक विकास संकेतक एवं लैंगिक समानता
- 25 महिला-नेतृत्वित विकास: SHGs, लखपति दीदी और महिला उद्यमिता पहलें
- 26 सकारात्मक कार्रवाई के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक उत्थान
- 27 जनजातीय विकास
- 28 दिव्यांगजनों का कल्याण
- 29 वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण
- 30 जेंडर बजटिंग: संरचना, प्रवृत्तियाँ एवं संस्थागत तंत्र
- 31 LGBTQIA+ समावेशन नीतियाँ एवं विधिक प्रगतियाँ
- 32 सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि पैटर्न
- 33 भारत की राजकोषीय नीति
- 34 मुद्रास्फीति प्रबंधन, मौद्रिक नीति और आरबीआई की भूमिका
- 35 भुगतान संतुलन प्रवृत्तियाँ एवं बाह्य क्षेत्र स्थिरता
- 36 बाह्य ऋण प्रबंधन एवं सॉवरेन जोखिम संकेतक
- 37 FDI/FPI प्रवृत्तियाँ एवं निवेश वातावरण में सुधार
- 38 सतत कृषि एवं एग्री-टेक
- 39 ग्रामीण अवसंरचना एवं आजीविका विविधीकरण
- 40 विकास के इंजन के रूप में सहकारी समितियाँ
- 41 किसान उत्पादक संगठन एवं कृषि-मूल्य श्रृंखलाएँ
- 42 कृषि विपणन सुधार एवं e-NAM का विस्तार
- 43 जलवायु-स्मार्ट कृषि एवं कार्बन कृषि की संभावनाएँ
- 44 कृषि ऋण अवसंरचना
- 45 कृषि-लॉजिस्टिक्स एवं फसलोत्तर अवसंरचना
- 46 पशुधन क्षेत्र का विकास: डेयरी, मत्स्य, पोल्ट्री एवं ब्लू इकॉनॉमी
- 47 मेक इन इंडिया, PLI योजनाएँ एवं विनिर्माण क्षेत्र का पुनरुत्थान
- 48 MSME क्षेत्र: औपचारिकीकरण, डिजिटलीकरण एवं ऋण सुधार
- 49 स्टार्टअप अर्थव्यवस्था एवं नवाचार पारिस्थितिक तंत्र
- 50 वैश्विक आपूर्ति शृंखला केंद्र के रूप में भारत
- 51 भारत में उभरते हुए उद्योग
- 52 औषधि एवं चिकित्सीय उपकरण: नियामकीय सुधार और वैश्विक स्थिति
- 53 वस्त्र क्षेत्र: निर्यात एवं नवाचार प्रोत्साहन
- 54 इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं सेमीकंडक्टर मिशन: प्रगति का परिदृश्य
- 55 औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन एवं हरित विनिर्माण पहल
- 56 क्लस्टर विकास: पारंपरिक उद्योगों का पुनरुद्धार एवं MSME क्लस्टर्स
- 57 नवाचार-आधारित उद्यम: इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर एवं अनुसंधान पार्क
- 58 आईटी, आईटीईएस एवं डिजिटल सेवाएँ
- 59 पर्यटन, लॉजिस्टिक्स एवं खुदरा क्षेत्र की गतिशीलता
- 60 वित्तीय सेवाएँ एवं फिनटेक क्रांति
- 61 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) एवं भारत की उभरती वैश्विक ऑफशोर हब भूमिका
- 62 रचनात्मक अर्थव्यवस्था
- 63 वैश्विक पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता एवं विशिष्ट पर्यटन (इको, ग्रामीण, विरासत)
- 64 गिग एवं प्लेटफ़ॉर्म अर्थव्यवस्था : श्रम प्रवृत्तियाँ और नियामक ढाँचा
- 65 ई-कॉमर्स एवं डिजिटल मार्केटप्लेस : उपभोक्ता संरक्षण और प्रतिस्पर्धा नियमन
- 66 प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना
- 67 राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन पहल
- 68 ऊर्जा सुरक्षा एवं विद्युत क्षेत्र सुधार
- 69 डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) एवं बहु-माध्यमीय परिवहन एकीकरण
- 70 बंदरगाह आधुनिकीकरण एवं सागरमाला : पोर्ट-आधारित औद्योगिक विकास
- 71 जल संसाधन अवसंरचना : सिंचाई, बाँध एवं नदी जोड़ो परियोजनाएँ
- 72 शहरीकरण प्रवृत्तियाँ एवं शहरी शासन सुधार
- 73 डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI)
- 74 कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ
- 75 भारत की अंतरिक्ष एवं उपग्रह क्रांति
- 76 भारत की साइबर सुरक्षा संरचना: CERT-In एवं NDMA दिशानिर्देश
- 77 भारत में डेटा शासन एवं व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम का क्रियान्वयन
- 78 शासन, वित्त और आपूर्ति श्रृंखलाओं में ब्लॉकचेन का प्रयोग
- 79 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) एवं डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म
- 80 लोक सेवा वितरण सुधार
- 81 सिविल सेवा क्षमता निर्माण एवं प्रदर्शन प्रबंधन
- 82 डेटा-आधारित शासन : राष्ट्रीय डेटा एवं एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म
- 83 स्थानीय शासन का डिजिटल रूपांतरण : ई-पंचायत एवं स्मार्ट नगरपालिकाएँ

