रेलवे एवं विमानन क्षेत्र
भारत का परिवहन क्षेत्र इस समय दोहरी क्रांति के दौर से गुजर रहा है, एक ओर रेलवे का वंदे भारतीय करण और दूसरी ओर विमानन क्षेत्र का “लोकतंत्रीकरण (Democratization of Aviation)”।
- नीतिगत ध्यान अब केवल नेटवर्क विस्तार तक सीमित न रहकर गति (Speed), सुरक्षा (Safety) और सेवा गुणवत्ता (Quality of Service) को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हो गया है।
- रेलवे 100% विद्युतीकरण, समर्पित मालवाहक गलियारों और उच्च-गति कॉरिडोर की ओर अग्रसर है, जबकि विमानन क्षेत्र अपनी क्षमता का विस्तार कर भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक विमानन बाज़ार बनाए रखने में सहायक बन रहा है।
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