सतत कृषि एवं एग्री-टेक
सतत कृषि एवं एग्री-टेक का उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के कुशल उपयोग, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन तथा किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है। प्रौद्योगिकी-आधारित, पर्यावरण-अनुकूल और आर्थिक रूप से व्यवहार्य कृषि पद्धतियाँ भारत की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा की आधारशिला हैं।
इससे किसे लाभ होगा?
- लघु एवं सीमांत किसान।
- बटाईदार किसान एवं महिला किसान।
- किसान उत्पादक संगठन (FPOs)।
- एग्री-स्टार्टअप्स एवं ग्रामीण उद्यमी।
- वर्षा-आश्रित एवं जलवायु-संवेदनशील कृषि क्षेत्र।
हालिया प्रमुख प्रगति
- राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (NMNF)
- 2024–25 में स्वतंत्र योजना के रूप में औपचारिक शुभारंभ।
- ₹2,481 करोड़ का परिव्यय।
- 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को रासायनिक-मुक्त ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

