मुद्रास्फीति प्रबंधन, मौद्रिक नीति और आरबीआई की भूमिका

भारत में मूल्य स्थिरता का नियमन भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत वैधानिक लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (Flexible Inflation Targeting–FIT) ढांचे के माध्यम से किया जाता है। इसका प्राथमिक उद्देश्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत पर बनाए रखना है, जिसमें ±2 प्रतिशत की सहनशीलता सीमा निर्धारित है। इस व्यवस्था के माध्यम से मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करते हुए आर्थिक वृद्धि को समर्थन प्रदान किया जाता है। यह ढांचा अर्थव्यवस्था के लिए एक नाममात्र आधार-स्तंभ (Nominal Anchor) के रूप में कार्य करता है, जिससे अपेक्षाओं का समन्वय होता है और रुपये की क्रय-शक्ति संरक्षित रहती है।

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