जनजातीय विकास
भारत में जनजातीय विकास का उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों (STs) का सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण, मानव विकास का विस्तार तथा उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का संरक्षण करना है। यह प्रक्रिया लक्षित कल्याणकारी हस्तक्षेपों, समावेशी विकास नीतियों और क्षेत्र-विशिष्ट विकास ढाँचों के माध्यम से आगे बढ़ाई जाती है।
मुख्य लाभार्थी वर्ग
- अनुसूचित जनजाति परिवार
- विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (PVTGs)
- जनजातीय महिलाएँ और बच्चे
- वनवासी जनजातीय समुदाय
- अनुसूचित क्षेत्रों के निवासी।
पृष्ठभूमि
- स्वतंत्रता के बाद भारत की जनजातीय नीति में ब्रिटिश काल की “पृथक्करण (Isolation)” नीति से हटकर एकीकरण (Integration) की ओर परिवर्तन हुआ, जिसे जवाहरलाल नेहरू के “जनजातीय पंचशील” ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
- जाक्सा समिति ....
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