जेंडर बजटिंग: संरचना, प्रवृत्तियाँ एवं संस्थागत तंत्र

जेंडर बजटिंग एक लोक वित्तीय उपकरण है, जिसके माध्यम से बजट निर्माण और व्यय प्रक्रियाओं में लैंगिक दृष्टिकोण को समाहित किया जाता है। इसका उद्देश्य संसाधनों का न्यायसंगत आवंटन, महिला-केन्द्रित विकास को बढ़ावा देना तथा भारत की समग्र विकास योजना में लैंगिक समानता का मुख्यधारा में समावेशन सुनिश्चित करना है।

लाभार्थी वर्ग

  • सभी सामाजिक-आर्थिक वर्गों की महिलाएँ और बालिकाएँ
  • हाशिए पर स्थित महिलाएँ, विशेषकर SC/ST एवं अल्पसंख्यक समूह
  • ग्रामीण महिलाएँ तथा शहरी गरीब महिलाएँ
  • महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्य
  • किशोरियाँ।

हालिया प्रवृत्तियाँ

  • केंद्रीय बजट 2025–26 में महिलाओं और बालिकाओं हेतु ₹4.49 लाख करोड़ का आवंटन किया गया, जो कुल बजट ....

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