भारत की अंतरिक्ष एवं उपग्रह क्रांति
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र एक बड़े परिवर्तन से गुज़रा है। पहले यह केवल सरकार-नियंत्रित क्षेत्र था, अब यह निजी क्षेत्र की भागीदारी से संचालित न्यूस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र बन गया है। इसका ध्यान राष्ट्रीय विकास हेतु अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तक लोकतांत्रिक पहुँच सुनिश्चित करने पर है, साथ ही स्वदेशी प्रक्षेपण क्षमताओं और उपग्रह डेटा अनुप्रयोगों के माध्यम से वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाज़ार में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी है।
लाभार्थी
- स्पेसटेक स्टार्टअप्स (SpaceTech Startups): स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस और ध्रुव स्पेस जैसी कंपनियाँ रॉकेट और उपग्रह डिज़ाइन, निर्माण और प्रक्षेपण कर रही हैं।
- इसरो: अब निजी खिलाड़ियों के लिए सुगमकर्ता और अनुसंधान भागीदार की ....
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