डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI)
भारत का DPI मॉडल, जिसे वैश्विक स्तर पर “इंडिया स्टैक” कहा जाता है, “अलग-थलग प्लेटफ़ॉर्म (Siloed Platforms)” से “खुले प्रोटोकॉल (Open Protocols)” की ओर बदलाव को दर्शाता है। यह तीन-स्तरीय ओपन-एपीआई अवसंरचना है:
- पहचान (Identity): आधार (Aadhaar)
- भुगतान (Payments): यूपीआई (UPI)
- डेटा (Data): अकाउंट एग्रीगेटर/डेटा एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन आर्किटेक्चर (DEPA)
यह ढाँचा डिजिटल पहुँच को सार्वजनिक संपत्ति मानता है, जिससे निजी क्षेत्र सार्वजनिक रेल पर आधारित स्केलेबल समाधान (जैसे Fintech Apps) बना सके और शून्य/न्यूनतम लागत पर समावेशन को बढ़ावा मिले।
डिजिटल नागरिकता एवं निर्माता
- ग्रामीण लाभार्थी: आधार-सीडेड खातों (JAM Trinity) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्राप्त करने वाले।
- फिनटेक एवं स्टार्टअप्स (Fintech ....
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