ऊर्जा सुरक्षा एवं विद्युत क्षेत्र सुधार
भारत का विद्युत क्षेत्र एक ऐतिहासिक परिवर्तन से गुज़र चुका है, देश अब “ऊर्जा अभाव” की स्थिति से निकलकर “ऊर्जा अधिशेष” राष्ट्र बन चुका है। वर्तमान रणनीति “वन नेशन, वन ग्रिड, वन फ़्रीक्वेंसी” ढाँचे पर आधारित है, जिसका उद्देश्य 24×7 गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, देश तीव्र गति से अजीवाश्म ईंधनों (Energy Transition) की ओर अग्रसर है और विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वित्तीय स्थिरता को पुनर्स्थापित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
प्रमुख हितधारक एवं लाभार्थी
- DISCOMs: वित्तीय पुनर्गठन का केंद्रबिंदु; कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (AT&C) हानियों में कमी हेतु सुधार।
- घरेलू उपभोक्ता:
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