भारत की साइबर सुरक्षा संरचना: CERT-In एवं NDMA दिशानिर्देश
भारत की साइबर सुरक्षा संरचना एक बहु-स्तरीय ढाँचा है, जिसका उद्देश्य युद्ध के “पाँचवें आयाम” (Cyberspace) की रक्षा करना है। कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC) इसका आधार हैं, जो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशानिर्देशों के अंतर्गत कार्य करते हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार साइबर हमलों को मानव-जनित आपदा माना जाता है, जिस पर "जीरो ट्रस्ट" प्रतिक्रिया तंत्र लागू होता है।
महत्वपूर्ण परिसंपत्तियाँ एवं प्रमुख हितधारक
- महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (Critical Information Infrastructure): विद्युत ग्रिड, बैंकिंग प्रणाली और परिवहन नेटवर्क, जिनकी सुरक्षा NCIIPC करता है।
- कॉर्पोरेट इकाइयाँ: 6 घंटे के भीतर साइबर घटनाओं ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

