नवाचार-आधारित उद्यम: इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर एवं अनुसंधान पार्क

नवाचार-आधारित उद्यम (IDEs) पारंपरिक लघु एवं मध्यम उद्यमों से इस अर्थ में भिन्न हैं कि इनका केंद्रबिंदु बौद्धिक संपदा (IP) और डीप-टेक्नोलॉजी के आधार पर वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना होता है। यह पारिस्थितिक तंत्र तीन स्तंभों पर आधारित है:

  • इनक्यूबेटर्स (Incubators): प्रारंभिक चरण में मार्गदर्शन।
  • एक्सेलेरेटर्स (Accelerators): वृद्धि और विस्तार।
  • अनुसंधान पार्क (Research Parks): उद्योग–अकादमिक सहजीविता, जो प्रयोगशाला-स्तरीय अनुसंधान को वाणिज्यिक उत्पादों में रूपांतरित करने में सहायक होते हैं।

अनुसंधान एवं विकास के उत्प्रेरक और परिवर्तनकारी घटक

  • डीप-टेक स्टार्टअप्स: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव-प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत उद्यम, जिनके लिए दीर्घकालिक समर्थन आवश्यक होता है।
  • अकादमिक शोधकर्ता: संकाय सदस्य और छात्र, ....
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