सिविल सेवा क्षमता निर्माण एवं प्रदर्शन प्रबंधन

सिविल सेवा क्षमता निर्माण एवं प्रदर्शन प्रबंधन से आशय भारत द्वारा अपनाए गए उन संरचित प्रशासनिक सुधारों से है, जिनका उद्देश्य एक सक्षम, भविष्य-उन्मुख तथा नागरिक-केन्द्रित नौकरशाही का विकास करना है। यह दृष्टिकोण निरंतर अधिगम (Continuous Learning), क्षमता-आधारित प्रशिक्षण (Competency-Based Training) तथा परिणामोन्मुख प्रदर्शन प्रणालियों के माध्यम से सार्वजनिक प्रशासन की प्रभावशीलता को सुदृढ़ करता है।

लक्षित वर्ग

  • अखिल भारतीय सेवाएँ एवं केंद्रीय सिविल सेवाएँ।
  • राज्य सिविल सेवाएँ एवं स्थानीय सरकार के अधिकारी।
  • प्रशिक्षण संस्थान एवं प्रशासनिक अकादमियाँ।
  • नीति-निर्माण एवं सेवा वितरण से जुड़े विभाग।
  • सार्वजनिक प्रशासन के अंतिम लाभार्थी के रूप में नागरिक।

कर्मयोगी भारत एवं इंटीग्रेटेड ....

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