वित्तीय सेवाएँ एवं फिनटेक क्रांति

भारत के वित्तीय क्षेत्र में बीते दशक के दौरान एक मौलिक संरचनात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। यह परिवर्तन अब केवल वित्तीय समावेशन (Access) तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वित्तीय सशक्तीकरण (Usage एवं Quality) की दिशा में अग्रसर हो चुका है।

  • जनधनआधारमोबाइल (JAM) ट्रिनिटी तथा इंडिया स्टैक पर आधारित यह पारिस्थितिक तंत्र आज बैंकिंग के फिनटेक-आधारीकरणसे पहचाना जाता है, जिसने अंतिम छोर तक तत्काल डिजिटल भुगतान, नकदी-प्रवाह आधारित ऋण और किफायती बीमा सेवाओं को संभव बनाया है।

प्रमुख लाभार्थी

  • ग्रामीण आबादी: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) ढाँचे और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के प्रमुख लाभार्थी।
  • MSME क्षेत्र: पारंपरिक ....
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