मानसिक स्वास्थ्य पहलें
भारत में मानसिक स्वास्थ्य पहलें मनोवैज्ञानिक कल्याण को बढ़ावा देने, मानसिक रोगों की रोकथाम करने और समुदाय-आधारित, संस्थागत तथा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों के माध्यम से सुलभ, सस्ती और एकीकृत मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। ये पहलें समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य विकास का हिस्सा हैं।
लक्षित वर्ग
- बच्चे, किशोर और युवा।
- वयस्क और वरिष्ठ नागरिक।
- विद्यार्थी, शिक्षक और शैक्षणिक समुदाय।
- शहरी गरीब, ग्रामीण और कमजोर जनसंख्या।
- तनाव, चिंता, अवसाद और नशा-सम्बंधी विकारों से प्रभावित व्यक्ति।
मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप के प्रमुख आयाम
- निवारक और प्रोत्साहक मानसिक स्वास्थ्य: जागरूकता निर्माण, परामर्श और तनाव प्रबंधन सेवाएँ।
- उपचारात्मक और पुनर्वास देखभाल: निदान, उपचार, फॉलो-अप और पुनर्वास समर्थन।
- सामुदायिक और डिजिटल ....
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