महिला-नेतृत्वित विकास: SHGs, लखपति दीदी और महिला उद्यमिता पहलें

महिला-नेतृत्वित विकास का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक संस्थाओं को सामूहिक संस्थाओं, उद्यमिता और आय सृजन के माध्यम से सुदृढ़ करना है। यह दृष्टिकोण महिलाओं को समावेशी विकास, आजीविका सुरक्षा और जमीनी स्तर के आर्थिक रूपांतरण के प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करता है।

प्रमुख लाभार्थी

  • निम्न-आय वर्ग की ग्रामीण महिलाएँ।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य महिलाएँ।
  • महिला सूक्ष्म-उद्यमी एवं कारीगर।
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाएँ।
  • कृषि एवं गैर-कृषि आजीविकाओं से जुड़ी महिलाएँ।

हालिया प्रगति एवं रुझान

  • लखपति दीदी उपलब्धि: ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) के मध्य-2025 तक के आँकड़ों के अनुसार, लगभग 1.48 से ....

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