भारत में बहुआयामी गरीबी में कमी
बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty) का आशय केवल आय की कमी से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से जुड़े कई प्रकार के अभावों से है, जिनका सामना व्यक्ति करता है।
भारत में बहुआयामी गरीबी में कमी का आकलन बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के माध्यम से किया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) ने विकसित किया है। नीति आयोग ने इसे भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप राष्ट्रीय स्तर पर अनुकूलित किया है।
प्रमुख लाभार्थी वर्ग
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, जो पोषण, शिक्षा, आवास, स्वच्छता और परिसंपत्तियों से जुड़े अभावों ....
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