दिव्यांगजनों का कल्याण
दिव्यांगजन कल्याण का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के समान अधिकारों, सुलभता, सामाजिक समावेशन तथा आर्थिक सहभागिता को सुनिश्चित करना है। यह दृष्टिकोण अधिकार-आधारित विधिक ढाँचे और लक्षित सरकारी हस्तक्षेपों के माध्यम से समावेशी, संवेदनशील और मानवीय राष्ट्रीय विकास को सुदृढ़ करता है।
प्रभावित वर्ग
- मानक (Benchmark) दिव्यांगता वाले व्यक्ति
- बौद्धिक, संवेदी तथा बहु-दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्ति
- दिव्यांगजनों की देखभाल करने वाले परिजन एवं आश्रित परिवार।
पृष्ठभूमि
- भारत ने वर्ष 2007 में “संयुक्त राष्ट्र दिव्यांगजन अधिकार अभिसमय (UNCRPD)” का अनुसमर्थन किया।
- इसके परिणामस्वरूप ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 1995’ को प्रतिस्थापित कर अधिक व्यापक ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD), 2016’ लागू किया गया, जिसमें मान्यता प्राप्त दिव्यांगताओं ....
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