भारत में डेटा शासन एवं व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम का क्रियान्वयन
भारत की डेटा व्यवस्था अब एक अनियमित और दिशाहीन अवस्था से निकलकर अधिकार-आधारित संरचित ढांचे में परिवर्तित हो चुकी है। इस परिवर्तन का आधार डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 है, जो नागरिकों को उनके व्यक्तिगत डेटा पर विधिक अधिकार प्रदान करता है, तथा राष्ट्रीय डेटा शासन रूपरेखा नीति, जो गैर-व्यक्तिगत डेटा के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुसंधान नवाचार को प्रोत्साहित करती है।
डेटा प्रिंसिपल्स एवं फिड्यूशियरी
- डेटा प्रिंसिपल्स (नागरिक): अपने व्यक्तिगत डेटा तक पहुँचने, उसे सुधारने और मिटाने का अधिकार।
- महत्वपूर्ण डेटा फिड्यूशियरी (SDFs): बड़े प्लेटफ़ॉर्म (सोशल मीडिया, फिनटेक) जिन्हें डेटा संरक्षण अधिकारी (DPO) नियुक्त करना अनिवार्य है।
- सहमति प्रबंधक ....
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