MSME क्षेत्र: औपचारिकीकरण, डिजिटलीकरण एवं ऋण सुधार

भारत का MSME क्षेत्र एक अनौपचारिक, नकद-आधारित अर्थव्यवस्था से औपचारिक, डेटा-आधारित पारिस्थितिक तंत्र की ओर परिवर्तित हो रहा है। अब इसकी परिभाषा निवेश और कारोबार (Investment & Turnover) से जुड़ी है (संयुक्त मानदंड), जिससे विनिर्माण और सेवाओं के बीच का भेद समाप्त हो गया है। वर्तमान में यह क्षेत्र एक डिजिटल औपचारिकीकरण” लहर का अनुभव कर रहा है, जहाँ ऋण-योग्यता का आकलन भौतिक संपार्श्विक (Collateral) के बजाय डिजिटल लेन-देन ट्रेल्स (GST/UPI) के आधार पर किया जा रहा है।

जमीनी औद्योगिक आधार

  • सूक्ष्म उद्यम: MSME क्षेत्र का सबसे बड़ा घटक (कुल MSME का 99% से अधिक), जो अब संस्थागत ऋण तक ....
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