भारत में आर्द्रभूमि शासन
आर्द्रभूमि शासन (Wetland Governance) उन नीतियों, कानूनों, संस्थाओं और सामुदायिक प्रयासों को संदर्भित करता है, जिनका उद्देश्य आर्द्रभूमियों का संरक्षण करना है।
आर्द्रभूमियाँ अत्यंत महत्त्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र हैं, जो बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, जैवविविधता संरक्षण और कार्बन संचयन में सहायक होती हैं।
हालिया घटनाक्रम
- जून 2025 में राजस्थान की 2 और आद्रभूमियों खीचन (फलौदी) और मेनार (उदयपुर) को रामसर स्थल घोषित किया गया।
- इसी के साथ ही भारत में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 91 हो गयी है, जो कि एशिया में सर्वाधिक है।
- दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने स्वतः संज्ञान लेकर झरोदा तालाब में अवैध कचरा फेंके जाने के विरुद्ध ....
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