उत्सर्जन व्यापार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन
भारत ने वायु प्रदूषण घटाने हेतु बाजार-आधारित उत्सर्जन व्यापार प्रणाली अपनाई है, जो उद्योगों को प्रदूषण परमिट के लेन-देन द्वारा स्वच्छ तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
हालिया प्रगति
- गुजरात के सूरत में विश्व की पहली PM ट्रेडिंग स्कीमः 300+ कोयला-आधारित इकाइयाँ; PM2.5 में 20-30% कमी।
- जुलाई 2024: कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना (CCTS) अपनाई गयी।
- NCAP: 2025-26 तक 40% PM10 कमी का लक्ष्य।
चुनौतियाँ
- संस्थागत विखंडन, कमजोर समन्वय।
- पायलट की सीमित कवरेज।
- MRV प्रणाली अपर्याप्त।
- ट्रेडिंग में कम वोल्यूम, अस्थिर मूल्य।
- मजबूत कानूनी ढाँचे की कमी।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कमजोर क्षमता।
- SMEs पर उच्च लागत।
प्रभाव और निहितार्थ
- सामाजिकः स्वास्थ्य सुधार, मृत्यु दर ....
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