राज्यपाल का कार्यालय: विवेकाधीन शक्तियों का दायरा और दुरुपयोग
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है और केंद्र सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। हालाँकि अनुच्छेद 200 के तहत विवेकाधीन शक्तियाँ एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में कार्य करने के लिए बनाई गई हैं, फिर भी अक्सर टकराव पैदा करती हैं, जिससे तटस्थता बनाम राजनीतिक प्रभाव की चिंताएँ उत्पन्न होती हैं।
हालिया घटनाक्रम
- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्य विधेयकों के संदर्भ में राज्यपाल की भूमिका स्पष्ट की है।
- तमिलनाडु राज्य बनाम तमिलनाडु के राज्यपाल (2025) और पंजाब राज्य बनाम पंजाब के राज्यपाल के मुख्य सचिव (2023) में न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय दिए।
- न्यायालय ....
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