पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986: दंडात्मक प्रावधानों का पुनरीक्षण
भोपाल गैस त्रासदी के बाद, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, (EPA) 1986 एक छत्र-कानून (Umbrella Law) के रूप में लाया गया, जिसने केंद्र सरकार को पर्यावरण संरक्षण हेतु व्यापक शक्तियाँ प्रदान कीं।
- हालाँकि, समय के साथ, इस अधिनियम की अत्यधिक अपराधीकरण (Criminalisation) के लिए आलोचना की गयी है, जिससे अनुपालन का बोझ तो बढ़ा लेकिन पर्यावरणीय परिणाम अपेक्षित रूप से बेहतर नहीं हुए।
हालिया प्रगति
- वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने EPA में संशोधन का प्रस्ताव दिया, जिसके अंतर्गत EPA के कुछ उल्लंघनों को अपराधमुक्त (Decriminalise) किया गया और कारावास को मौद्रिक दंड (Monetary Penalties) से प्रतिस्थापित किया गया।
- जन विश्वास (प्रावधानों ....
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